Bihar Land Records: बिना आवेदन भी सुधरेगी जमाबंदी, जानिए पूरी प्रक्रिया, आवेदन खारिज करने वाले 3 अंचलाधिकारियों पर गिरी गाज
Bihar Land Records: बिहार में जमीन की जमाबंदी में गड़बड़ियों को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का विशेष अभियान अब और सख्त हो गया है।...
Bihar Land Records: बिहार में जमीन की जमाबंदी में गड़बड़ियों को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का विशेष अभियान अब और सख्त हो गया है। सरकार ने अंचलाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए साफ कर दिया है कि जमाबंदी सुधार के लिए अब हर बार रैयत यानी जमीन मालिक के आवेदन का इंतजार नहीं किया जाएगा। अंचलाधिकारी अपने स्तर से पहल कर रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों को दुरुस्त कर सकेंगे।
राजस्व विभाग की ओर से 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विशेष राजस्व अभियान चलाया जा रहा है। इसका मकसद जमाबंदी में दर्ज गलतियों को चिह्नित कर उनका समयबद्ध तरीके से निराकरण करना है। अभियान के दौरान पहले जिन मामलों को जमाबंदी में गड़बड़ी के कारण खारिज कर दिया गया था, उनकी भी दोबारा समीक्षा होगी। आवश्यक सुधार के बाद ऐसे मामलों का निपटारा करने की जिम्मेदारी भी अंचल अधिकारियों को दी गई है।
विभागीय समीक्षा बैठक में 99 प्रतिशत आवेदनों को खारिज करने वाले तीन अंचलाधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। राजस्व सचिव जय सिंह के निर्देश पर सारण जिले के परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचलाधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इस तरह की कार्यप्रणाली को गंभीरता से लिया है।
अभियान के दौरान जमाबंदियों में दर्ज सभी त्रुटियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया गया है। जिन रैयतों की मृत्यु हो चुकी है, उनके उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों में भी अंचल स्तर से सक्रिय पहल करनी होगी। निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक ऐसे मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
वहीं, राजस्व महाअभियान के मामलों में लापरवाही बरतने वाले पश्चिम चंपारण के ठकराहां और नौतन तथा सुपौल के पिपरा और बसंतपुर केअंचलाधिकारियों को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। विभाग का जोर अब सिर्फ आवेदन निपटाने पर नहीं, बल्कि भूमि रिकॉर्ड को दुरुस्त और अधिक भरोसेमंद बनाने पर है।