Bihar Land Registration 2026 - बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नियम बदले: अब 13 बिंदुओं की जांच के बिना नहीं होगा निबंधन

2026-27 से लागू होने वाली नई व्यवस्था के तहत, अब बिना विस्तृत सरकारी जांच के किसी भी जमीन की रजिस्ट्री (निबंधन) नहीं हो सकेगी। अब खरीदारों को ई-निबंधन पोर्टल पर जमीन के 13 प्रमुख बिंदुओं का विवरण देना होगा

Bihar Land Registration 2026 - बिहार में जमीन रजिस्ट्री के न

Patna - बिहार सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए निबंधन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब बिना पूरी जांच के जमीन की रजिस्ट्री संभव नहीं होगी। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है किवित्तीय वर्ष 2026-27 से भूमि की अद्यतन (Updated) स्थिति स्पष्ट करने वाली नई व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।

ई-निबंधन पोर्टल पर उपलब्ध होंगे 13 मुख्य बिंदु

इस नई व्यवस्था के तहत विभाग के ई-निबंधन पोर्टल पर जमीन से संबंधित 13 महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। अंचलाधिकारी (CO) के अनुसार, खरीदार को निबंधन से पहले इन सभी बिंदुओं पर डेटा अपलोड करना होगा। इसके बाद ही सरकारी मशीनरी इसकी सत्यता की जांच करेगी।

आवेदन प्रक्रिया के मुख्य चरण :

  • अकाउंट बनाना : खरीदार को ई-निबंधन पोर्टल पर अपना व्यक्तिगत अकाउंट बनाकर लॉग-इन करना होगा।
  • विवरण भरना : जमीन से संबंधित सभी तकनीकी और मालिकाना हक की जानकारी भरनी होगी।
  • सत्यापन विकल्प : पोर्टल पर एक विकल्प होगा जहाँ पूछा जाएगा कि क्या आवेदक जमीन की 'अद्यतन जानकारी' चाहता है। चयन करते ही विवरण अधिकारियों के पास पहुँच जाएगा।


इन  बिंदुओं की देनी होगी विस्तृत जानकारी

पोर्टल पर आवेदन करते समय खरीदार को निम्नलिखित विवरणों का उल्लेख करना अनिवार्य होगा:

क्रम संख्या

विवरण की श्रेणी

प्रमुख बिंदु

1

कार्यालय विवरण

निबंधन कार्यालय और संबंधित अंचल (Block)

2

भौगोलिक स्थिति

मौजा, थाना संख्या और अंचल

3

जमीन की पहचान

खाता संख्या, खेसरा संख्या और कुल रकबा

4

सीमांकन

जमीन की चौहद्दी (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम)

5

राजस्व रिकॉर्ड

जमाबंदी संख्या और जमाबंदी धारक का नाम

6

पक्षकारों का विवरण

क्रेता (Buyer) और विक्रेता (Seller) की पूरी जानकारी

7

भूमि का प्रकार

जमीन किस श्रेणी की है (कृषि, आवासीय, व्यावसायिक आदि)


10 दिनों के भीतर मिलेगी सीओ की रिपोर्ट

जैसे ही आवेदक पोर्टल पर जानकारी सबमिट करेगा, यह विवरण स्वतः ही संबंधितअंचलाधिकारी (CO) औरराजस्व कर्मचारीके लॉगिन आईडी पर पहुँच जाएगा।

  • समय सीमा : अधिकारियों को निर्धारित 10 दिनों के भीतरजमीन की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट देनी होगी।
  • पारदर्शिता : यह रिपोर्ट सीधे आवेदक के लॉगिन अकाउंट पर दिखाई देगी।
  • सूचना तंत्र : आवेदन जमा होते ही आवेदक और संबंधित अधिकारियों को SMS के जरिए अलर्ट भी भेजा जाएगा।

महत्वपूर्ण नोट इस नई व्यवस्था से जमीन के पुराने विवादों, अवैध कब्जे या गलत जमाबंदी वाली जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगेगी, जिससे खरीदारों का पैसा सुरक्षित रहेगा।