बिहार में माफियाओं की शामत: हर जिले में भूमाफियाओं की लिस्ट तैयार, विजय सिन्हा ने दी खुली चेतावनी

सूबे में अवैध खनन और भूमाफियाओं पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हर जिले में भूमाफियाओं की सूची तैयार कर ली गई है. उनके खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Bihar mafias face doom List of land mafias prepared in every
बिहार में माफियाओं की शामत: हर जिले में भूमाफियाओं की लिस्ट तैयार, विजय सिन्हा ने दी खुली चेतावनी- फोटो : news 4 nation

बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में सक्रिय भूमाफियाओं की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार कर ली है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से काली कमाई करने वाले लोग अक्सर इस पैसे को जमीन के कारोबार में निवेश करते हैं। अब ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चूँकि विजय सिन्हा के पास भूमि राजस्व विभाग की भी जिम्मेदारी है, इसलिए दोनों विभागों के तालमेल से माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी।

78 बालू घाटों की नीलामी और सख्त कार्रवाई

राज्य में 78 नए बालू घाटों की नीलामी का आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार ने उन ठेकेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जिन्होंने ऊँची बोली लगाकर घाट लिए थे, लेकिन सख्ती बढ़ने के कारण अब वे घाट लौटा रहे हैं। ऐसे ठेकेदारों की न केवल जमा राशि जब्त की जाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य के टेंडरों के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अवैध उत्खनन को पूरी तरह रोकना और राजस्व को सुरक्षित करना है।

सड़क पर वसूली और ट्रांजिट पास पर नई नीति

अवैध वसूली की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने आदेश दिया है कि बिना खनन विभाग के निर्देश के पुलिस सड़कों पर वाहनों की जांच नहीं करेगी। इसके साथ ही, दूसरे राज्यों से आने वाले खनिज वाहनों के लिए 'ट्रांजिट पास' अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी ताकि बिना पास के एक भी वाहन बिहार की सीमा में प्रवेश न कर सके।

स्पेशल फोर्स की तैनाती और 'खनन योद्धा' का सम्मान

अवैध खनन रोकने के लिए सरकार ने 400 विशेष पुलिस बल के जवानों की तैनाती की है। इसके साथ ही विभाग ने अपनी सक्रियता भी बढ़ाई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभाग के 71 अधिकारियों और कर्मियों को ‘खनन योद्धा’ के रूप में सम्मानित किया। इन कर्मियों ने ओवरलोडिंग और अवैध खनन रोकने में उत्कृष्ट भूमिका निभाई है, जिससे विभाग के मनोबल में वृद्धि हुई है।

राजस्व वृद्धि और आत्मनिर्भर बिहार की दिशा

पिछले साल विभाग ने 3500 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया था, जिसे इस साल बढ़ाकर 3800 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, बिहार में जल्द ही स्टोन चिप्स (गिट्टी) का खनन शुरू किया जाएगा। वर्तमान में बिहार दूसरे राज्यों पर निर्भर है, लेकिन स्थानीय स्तर पर खनन शुरू होने से न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि निर्माण सामग्री भी सस्ती होगी। पर्व-त्योहारों के दौरान आम जनता को राहत देते हुए विभाग ने छोटी मात्रा में बालू या मिट्टी ले जाने पर कोई कार्रवाई न करने का भी निर्देश दिया है।