Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर कल मतदान, पटना स्नातक सीट पर सबसे दिलचस्प मुकाबला, जानिए किस सीट पर किसकी सियासी प्रतिष्ठा लगी है दांव पर
Bihar MLC Election 2026: एनडीए, महागठबंधन, जनसुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। खासकर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की लड़ाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं...
Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर कल यानी शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में एनडीए, महागठबंधन, जनसुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। खासकर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की लड़ाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां उम्मीदवारों के बीच सियासी खींचतान ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।चुनाव में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से काफी ज्यादा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चार स्नातक सीटों पर 4,92,594 मतदाता हैं, जबकि चार शिक्षक सीटों पर 40,253 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 598 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पटना स्नातक सीट पर सियासी प्रतिष्ठा दांव पर
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां जदयू नेता और एमएलसी नीरज कुमार के मुकाबले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। पूर्व विधायक अनंत सिंह जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि इस सीट पर किसका राजनीतिक प्रभाव ज्यादा मजबूत साबित होता है।इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 87,583 मतदाता हैं। उम्मीदवारों के बीच मुकाबले के चलते यह सीट बिहार के सबसे चर्चित चुनावी क्षेत्रों में शामिल हो गई है। मतदान के बाद ही साफ होगा कि मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है।
दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा और महागठबंधन की नजर
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी मुकाबला दिलचस्प है। उपलब्ध चुनावी जानकारी के अनुसार, भाजपा की ओर से सर्वेश कुमार के फिर से मैदान में उतरने की संभावना है। वहीं, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा और जदयू के प्रो. घनश्याम राय के नाम भी चुनावी समीकरणों में चर्चा में हैं। हालांकि, उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति की पुष्टि आधिकारिक सूची से की जानी चाहिए।दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 1,27,216 मतदाता हैं। पिछले चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सर्वेश कुमार ने जदयू के डॉ. दिलीप कुमार चौधरी को हराकर जीत हासिल की थी। सर्वेश कुमार को 15,595 वोट मिले थे, जबकि डॉ. चौधरी को 11,676 वोट प्राप्त हुए थे। इस बार भी पिछले चुनाव के नतीजों का असर मुकाबले पर पड़ सकता है।
तिरहुत स्नातक सीट पर अभिषेक झा और रश्मि गौतम की चुनौती
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के अभिषेक झा और राजद की डॉ. रश्मि विनायक गौतम के बीच मुकाबला चर्चा में है। इस सीट पर 1,35,023 मतदाता हैं। पिछले उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया था।
उपचुनाव में बंशीधर ब्रजवासी को 23,003 वोट मिले थे। जनसुराज की रश्मि विनायक गौतम को 12,467, राजद के गोपी किशन को 11,600 और जदयू के अभिषेक झा को 10,316 वोट मिले थे। इस बार चुनावी समीकरणों में बदलाव के बीच मुकाबला फिर रोचक हो गया है।
तिरहुत शिक्षक सीट पर सीपीआई और जनसुराज आमने-सामने
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सीपीआई के संजय कुमार सिंह फिर से मैदान में हैं। जनसुराज ने भूषण झा को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर 8,760 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।पिछले चुनाव में संजय कुमार सिंह ने 3,324 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। भूषण झा को 2,015 और डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह को 1,404 वोट मिले थे। इस बार दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच फिर मुकाबला होने की संभावना है।
कोसी स्नातक सीट पर भाजपा, राजद और निर्दलीय उम्मीदवारों की चुनौती
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के डॉ. एन.के. यादव और राजद के नितेश कुमार के बीच मुकाबला अहम माना जा रहा है। कांग्रेस से टिकट की उम्मीद कर रहे अमित विक्रम निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। जनसुराज ने रजनीश रंजन को प्रत्याशी बनाया है।
इस सीट पर 1,34,593 मतदाता हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में डॉ. एन.के. यादव ने राजद के नितेश कुमार को हराया था। डॉ. यादव को 20,841 और नितेश कुमार को 13,940 वोट मिले थे। इस बार मुकाबले में नए उम्मीदवारों की मौजूदगी से चुनावी गणित बदल सकता है।
बाकी सीटों पर भी कांटे की टक्कर
अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी एनडीए, महागठबंधन, जनसुराज और निर्दलीय उम्मीदवार अपनी ताकत दिखाने में जुटे हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जनसुराज के अफाक अहमद, राजद के प्रो. जयराम यादव और जदयू के आनंद पुष्कर के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट पर 10,800 मतदाता हैं। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों का चुनाव कई सियासी दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। अब देखना होगा कि मतदाता पुराने प्रतिनिधियों पर भरोसा जताते हैं या नए चेहरों को मौका देकर बिहार की सियासत में नया संदेश देते हैं।