Bihar Monsoon:मानसून की सुस्त चाल से बढ़ी बेचैनी, बादलों की बेरुखी ने बढ़ाई तपिश, बिहार से राजस्थान तक मौसम का बदला मिजाज

Bihar Monsoon: बिहार में लोग झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मानसून की रफ्तार फिलहाल उम्मीदों के मुकाबले काफी सुस्त नजर आ रही है।..

Bihar Monsoon Stalls Near West Coast Rain Alert Across 26 Di
मानसून की सुस्त चाल से बढ़ी बेचैनी- फोटो : social Media

Bihar Monsoon: बिहार में लोग झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मानसून की रफ्तार फिलहाल उम्मीदों के मुकाबले काफी सुस्त नजर आ रही है। मौसम के मिजाज ने ऐसी करवट ली है कि कहीं बादल मेहरबान हैं तो कहीं सूरज की तल्खी लोगों का इम्तिहान ले रही है। हालात यह हैं कि देश के 723 जिलों में से महज 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है, जबकि बाकी इलाकों में लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून से पश्चिमी तट पर लगभग ठहरा हुआ है। खासकर मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून की आमद में अभी 7 से 8 दिन और लग सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया या डिप्रेशन नहीं बनने के कारण मानसून को अपेक्षित ताकत नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि बारिश का सिलसिला रु-रुक कर चल रहा है।

हालांकि, भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में दस्तक दे दी है। मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं है।

बिहार में भी मौसम का दोहरा चेहरा देखने को मिल रहा है। एक ओर भागलपुर, पूर्णिया, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत 26 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी ओर पटना समेत सात जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में तेज धूप और रात में चिपचिपी गर्मी लोगों को राहत नहीं लेने दे रही।

राजस्थान में भी मौसम विभाग ने जयपुर, भरतपुर और कोटा समेत 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान झुंझुनूं सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और सागर समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में हालात बिल्कुल अलग हैं। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बादल पूरी तरह मेहरबान हैं। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले छह से सात दिनों तक पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है।

कुल मिलाकर मानसून ने दस्तक तो दे दी है, लेकिन उसकी चाल अभी भी लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है। किसान, आम नागरिक और प्रशासन सभी की निगाहें अब बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी गतिविधियों पर टिकी हैं। अगर आने वाले दिनों में मानसून को नई ताकत मिली तो सूखे बादलों की यह बेरुखी जल्द खत्म हो सकती है, वरना गर्मी और उमस का सितम अभी कुछ दिन और झेलना पड़ सकता है।