एडीजी पारसनाथ का बड़ा बयान: 'पूरी जांच के बिना नहीं आएगी नीट छात्रा मौत की रिपोर्ट,कहा - डीएनए का करें इंतजार

बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि मामले की वैज्ञानिक जांच अभी प्रक्रियाधीन है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के एडीजी पारसनाथ ने बताया कि घटना की तह तक जाने के लिए FSL और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है

एडीजी पारसनाथ का बड़ा बयान: 'पूरी जांच के बिना नहीं आएगी नीट

Patna - पटना  नीट की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां छात्र संगठन इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अभी थोड़ा और वक्त लगेगा। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के एडीजी पारसनाथ ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी। 

एडीजी पारसनाथ का बयान: DNA रिपोर्ट में देरी की वजह

बिहार पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपराध अनुसंधान विभाग के एडीजी पारसनाथ ने बताया कि नीट छात्रा की मौत मामले में FSL (Forensic Science Laboratory) की रिपोर्ट आने में अभी 5 से 6 दिन का समय और लग सकता है। उन्होंने कहा, "जब तक पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती, तब तक आधिकारिक रिपोर्ट साझा नहीं की जा सकती। विशेष रूप से DNA रिपोर्ट आने में समय लगता है, क्योंकि यह एक जटिल वैज्ञानिक प्रक्रिया है।" 

FSL और CID की टीम ने किया 'पीओ' का मुआयना

एडीजी ने जानकारी दी कि जांच की गंभीरता को देखते हुए FSL और CID की विशेष टीमें घटनास्थल (PO - Place of Occurrence) पर गई थीं। हालांकि, वह टीम के जाने की सटीक तारीख नहीं बता पाए, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि टीम ने वहां से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। एडीजी के अनुसार, खुद उन्होंने (एडीजी सीआईडी) भी घटनास्थल का दौरा कर अनुसंधान की बारीकियों को समझा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीआईडी का 'कमजोर वर्ग विंग' इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है। 

पटना की सड़कों पर AISF का प्रदर्शन

इधर, जांच की धीमी गति और छात्रा को अब तक न्याय न मिलने के विरोध में आज पटना में AISF (All India Students' Federation) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की स्पीडी ट्रायल और दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। छात्रों का कहना है कि इतने संवेदनशील मामले में पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है, जो प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। 

पुरानी जानकारी: क्या है पूरा मामला?

बता दें कि पटना में एक छात्रा, जो नीट की तैयारी कर रही थी, उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। परिजनों ने हत्या और दुष्कर्म की आशंका जताई थी, जिसके बाद मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया। शुरूआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से देख रही है। इसी के मद्देनजर विसरा और अन्य जैविक नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार पूरे प्रदेश को है। 

वैज्ञानिक साक्ष्य ही बनेंगे आधार

एडीजी पारसनाथ ने अंत में कहा कि समय बीतने के साथ कुछ सबूतों में गिरावट (Decay) आती है, लेकिन वैज्ञानिक जांच के पास इसका विकल्प मौजूद होता है। पुलिस का मुख्य फोकस इस समय पुख्ता सबूत जुटाने पर है ताकि अदालत में केस मजबूत बना रहे। अगले एक हफ्ते के भीतर आने वाली FSL रिपोर्ट इस केस की दिशा और दशा तय करेगी।

रिपोर्ट - अनिल  कुमार