बिहार में 200 एग्जाम सेंटर्स पर 'ताला': 5000 परिवारों की रोजी-रोटी छिनी, सरकार पर लगे गंभीर आरोप

बिहार में बिना किसी पूर्व सूचना के 200 ऑनलाइन एग्जाम सेंटर बंद कर दिए गए हैं, जिससे 5000 से अधिक कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। इस फैसले के पीछे SSC के नए टेंडर और पूर्व DGP आलोक राज के इस्तीफे के कनेक्शन की चर्चा तेज है।

 बिहार में 200 एग्जाम सेंटर्स पर 'ताला': 5000 परिवारों की रो

Patna - बिहार ऑनलाइन एग्जाम सेंटर एसोसिएशन ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि राज्य के करीब 200 सेंटरों को बिना किसी कारण या नोटिस के अचानक बंद कर दिया गया है। इस फैसले से टेक्निकल स्टाफ, ऑपरेटर और सुरक्षा गार्ड समेत 5000 से ज्यादा लोग रातों-रात बेरोजगार हो गए हैं। एसोसिएशन का दावा है कि SSC के साथ उनका एग्रीमेंट मार्च 2026 तक वैध था, फिर भी उन्हें काम करने से रोक दिया गया। 

विवादित कंपनी 'इनोवेटिव व्यू' को मिला टेंडर

एसोसिएशन के अनुसार, SSC ने स्थानीय सेंटरों को नजरअंदाज कर परीक्षा संचालन का जिम्मा “इनोवेटिव व्यू” नामक कंपनी को सौंप दिया है। आरोप है कि आशीष मित्तल की इस कंपनी पर पहले भी कई अनियमितताओं और धांधली के दाग लग चुके हैं। संचालकों ने SSC चेयरमैन से मांग की है कि इस कंपनी की निष्पक्ष जांच होने तक टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। 

आलोक राज के इस्तीफे से जुड़े तार?

इस पूरे विवाद के बीच बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के अध्यक्ष पद से पूर्व DGP आलोक राज का अचानक इस्तीफा चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि ऑनलाइन सेंटरों को लेकर लिए गए इन फैसलों का कोई गहरा कनेक्शन इससे हो सकता है। 

स्थानीय रोजगार पर गहरा संकट

एसोसिएशन का कहना है कि स्थानीय सेंटरों के माध्यम से न केवल परीक्षाएं सुचारू रूप से चलती थीं, बल्कि हजारों परिवारों का भरण-पोषण भी होता था। बाहरी कंपनी को टेंडर देने से न केवल भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ी है, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बड़ा झटका लगा है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार और आयोग स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं?

Report - anil kumar