पंचायत सरकार भवन टेंडर में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा, फर्जीवाड़े के आरोप में कई ठेकेदार अयोग्य, जानें पूरी लिस्ट
बिहार भवन निर्माण विभाग ने सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में पंचायत सरकार भवन निर्माण के टेंडर में बड़ी कार्रवाई की है। अनुभव प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े और तकनीकी खामियों के कारण कई कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है।
Patna - बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिलों में पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कई ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। तकनीकी मूल्यांकन समिति की बैठक में दस्तावेजों में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की आशंका के चलते कई निविदाकारों (Bidders) को 'अयोग्य' घोषित कर दिया गया है।
भवन निर्माण विभाग का हंटर:
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए भवन निर्माण विभाग ने सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में करोड़ों के टेंडर रद्द कर दिए हैं। तकनीकी बीड मूल्यांकन समिति (Technical Bid Evaluation Committee) ने पाया कि कई ठेकेदारों ने टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और अधूरे दस्तावेजों का सहारा लिया था । विभाग ने न केवल उन्हें अयोग्य घोषित किया, बल्कि फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ 'बिहार ठिकेदारी निबंधन नियमावली 2007' के तहत कानूनी कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी है ।
सीतामढ़ी: अनुभव प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा, अस्तित्वहीन मिले दफ्तर
सीतामढ़ी जिले के रीगा और चोरौत ब्लॉक में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए आए आवेदनों की जब सूक्ष्म जाँच की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जितेंद्र कुमार (Jitendra Kumar): इनके दस्तावेजों में कार्य की राशि और मात्रा का वर्षवार विवरण गायब था ।
युवराज एंटरप्राइजेज (Yuvraj Enterprises): इस कंपनी द्वारा जमा किए गए अनुभव प्रमाण पत्र की वेबसाइट के जरिए जाँच की गई तो पता चला कि प्रमाण पत्र जारी करने वाला कार्यालय ही अस्तित्व में नहीं है ।
बजरंग एंटरप्राइजेज (Bajrang Enterprises): इस कंपनी की बैंक गारंटी (BG) गलत पाई गई और यह वित्तीय योग्यता (Bidding Capacity) की शर्तों को पूरा करने में भी विफल रही ।
मुजफ्फरपुर: अधूरे कागजात और तकनीकी कमियों के कारण टेंडर खारिज
मुजफ्फरपुर जिले के औरई, पारू और सरैया ब्लॉक में भी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। औरई ब्लॉक के लिए आई निविदाओं में किसी भी निविदाकार के सफल नहीं होने के कारण टेंडर को ही रद्द (Cancel) कर दिया गया है ।
जदुवंश कुमार सिंह (Jadubansh Kumar Singh): ईंट कार्य (Brick work) की मात्रा कम दिखाने और अग्नि शमन (Fire Fighting) व PHE कार्य के अनुभव प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण इन्हें असफल घोषित किया गया ।
श्रीमन नारायण कंस्ट्रक्शन: इनकी बिडिंग कैपेसिटी निर्धारित राशि से कम पाई गई ।
करोड़ों की योजना, विभाग की पैनी नजर
इन योजनाओं के तहत प्रत्येक पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर लगभग ₹2.50 करोड़ की लागत आनी है । पारू और सरैया जैसे ब्लॉकों में, जहाँ तीन-तीन भवनों का निर्माण होना है, योजना की कुल राशि ₹7.50 करोड़ तक है । विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के उपयोग में किसी भी तरह की तकनीकी कोताही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि पारू और सरैया में केवल उन्हीं ठेकेदारों को सफल घोषित किया गया जिनके सभी दस्तावेज मानक के अनुरूप थे ।
अगली कार्रवाई: 30 मार्च तक मांगी गई आपत्तियां
मुख्य अभियंता (उत्तर) रामाज्ञा कुमार की अध्यक्षता वाली समिति ने आदेश दिया है कि सफल निविदाकारों की सूची विभागीय वेबसाइट पर डाली जाए । यदि 30 मार्च 2026 की सुबह 11:00 बजे तक किसी भी निविदा पर कोई आपत्ति या शिकायत प्राप्त होती है, तो वित्तीय बीड (Financial Bid) खोलने से पहले समिति दोबारा विचार करेगी । यदि कोई आपत्ति नहीं मिलती है, तभी वित्तीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा ।
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जिला | ब्लॉक/पंचायत | टेंडर आईडी | स्टेटस | मुख्य कारण |
| सीतामढ़ी | रीगा (गणेशपुर) | 119905 | सफल/असफल घोषित | फर्जी अनुभव पत्र (युवराज एंट.) |
| सीतामढ़ी | चोरौत | 119900 | सफल/असफल घोषित | गलत बैंक गारंटी (संजीत कुमार) |
| मुजफ्फरपुर | औरई | 119751 | पूर्णतः रद्द | कोई निविदाकार सफल नहीं |
| मुजफ्फरपुर | पारू | 119952 | सफल घोषित | दो निविदाकार सफल पाए गए |
| मुजफ्फरपुर | सरैया | 119925 | सफल/असफल घोषित | कागजातों में भारी कमी |