बिहार में पंचायत भवनों पर ग्रहण: मधुबनी में सुस्त सिस्टम की भेंट चढ़ीं तीन बड़ी योजनाएं, सारण के बालीगांव में ठेकेदारों का कागजी खेल बेनकाब!

बिहार के मधुबनी में तीन पंचायत सरकार भवनों की निविदाएं रद्द कर दी गई हैं, वहीं सारण के बालीगांव में निर्माण के लिए दो ठेकेदार सफल घोषित किए गए हैं। इस कार्रवाई से ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।

बिहार में पंचायत भवनों पर ग्रहण: मधुबनी में सुस्त सिस्टम की

Patna - बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने मधुबनी जिले के पंडौल, कलुआही और बेनीपट्टी प्रखंडों में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए जारी निविदाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है । विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सागरपुर (पंडौल), करमौली (कलुआही) और ढकजरी (बेनीपट्टी) पंचायतों के लिए आमंत्रित निविदाओं की 120 दिनों की वैधता अवधि 20 नवंबर 2025 को ही समाप्त हो गई थी । मुख्य अभियंता (उत्तर) की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन परियोजनाओं के लिए अब नए सिरे से 'पुनर्निविदा' (Retender) आमंत्रित की जाएगी 

निविदाकारों की असहमति और तकनीकी पेच

इन तीनों निविदाओं के रद्द होने का एक मुख्य कारण निविदाकारों द्वारा समय-सीमा बढ़ाने पर सहमति न देना रहा । सागरपुर पंचायत की निविदा में 9 ठेकेदारों ने भाग लिया था, जिनमें से 4 को सफल पाया गया था, लेकिन वैधता समाप्त होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी । इसी तरह करमौली में 13 और ढकजरी में 10 निविदाकारों ने हिस्सा लिया था । तकनीकी मूल्यांकन के दौरान कई ठेकेदारों के अनुभव प्रमाण पत्र और वित्तीय टर्नओवर में कमियां पाई गई थीं, जिससे चयन प्रक्रिया जटिल हो गई थी 

सारण के बालीगांव में दो ठेकेदार सफल

मधुबनी के विपरीत, सारण जिले के परसा छपरा ब्लॉक अंतर्गत बालीगांव पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है । तकनीकी बीड मूल्यांकन समिति ने 24 मार्च 2026 को हुई बैठक में पांच निविदाकारों के दस्तावेजों की समीक्षा की । जांच के बाद M/s Raizone Infracon Private Limited और Vijay Narayan Singh को तकनीकी रूप से 'सफल' (Responsive) घोषित किया गया है । इस परियोजना की कुल प्रशासनिक स्वीकृति राशि ₹3.05 करोड़ निर्धारित की गई है 

तीन निविदाकार तकनीकी आधार पर बाहर

बालीगांव परियोजना की रेस से तीन अन्य निविदाकारों को बाहर कर दिया गया है । आमोद कुमार को कम 'बीडिंग कैपेसिटी' (Bidding Capacity) के कारण अयोग्य घोषित किया गया, जबकि विनोद कुमार सिंह और M/s महादेव बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के दस्तावेजों में वित्तीय टर्नओवर और अनुभव प्रमाण पत्रों की विसंगतियां पाई गईं । समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि सफल ठेकेदारों के अनुभव प्रमाण पत्र भविष्य में फर्जी पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध बिहार ठेकेदारी निबंधन नियमावली-2007 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी 

अगली प्रक्रिया और आपत्ति दर्ज करने की तिथि

बालीगांव पंचायत भवन के लिए सफल घोषित दोनों निविदाकारों का 'वित्तीय बीड' (Financial Bid) खोलने से पहले विभाग ने पारदर्शिता के लिए समय दिया है । यदि किसी को इस चयन प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो वह 31 मार्च 2026 की सुबह 11:00 बजे तक अपना परिवाद दर्ज करा सकता है । यदि कोई ठोस आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो सफल निविदाकारों में से न्यूनतम दर वाले को कार्य आवंटित कर दिया जाएगा । इस भवन के निर्माण के लिए 9 माह की समय-सीमा तय की गई है