पाताल से भी ढूंढ निकाले मुजरिम!, 3.61 लाख की गिरफ्तारी और सवा लाख को सजा, STF की 29 मुठभेड़ें और 134 नक्सलियों का खात्मा

बिहार पुलिस ने वर्ष 2025 का रिपोर्ट कार्ड जारी कर दिया है, जिसमें संगीन अपराधों के ग्राफ में बड़ी गिरावट में हत्या, डकैती और दंगों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है, वहीं एसटीएफ ने रिकॉर्ड 134 नक्सलियों को दबोचा गया है

पाताल से भी ढूंढ निकाले मुजरिम!, 3.61 लाख की गिरफ्तारी और सव

Patna -  बिहार पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में संगीन वारदातों में पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण कमी आई है । हत्या के मामलों में 8.3%, डकैती में 26.9% और दंगों से जुड़े मामलों में 21.5% की गिरावट दर्ज की गई है । सबसे बड़ी सफलता बैंक डकैती जैसे अपराधों पर लगाम लगाने में मिली है, जिसमें 80% की भारी कमी देखी गई है । 

रिकॉर्ड गिरफ्तारियां और अवैध हथियारों पर प्रहार

अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वर्ष 2025 में कुल 3,61,364 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है । हथियारों के अवैध कारोबार को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए अभियानों में 4,963 अवैध आग्नेयास्त्र और 30,133 कारतूस बरामद किए गए । इसके अलावा, पुलिस ने राज्य भर में 74 मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है, जो अवैध हथियारों के निर्माण का मुख्य केंद्र थीं 

STF की सक्रियता और नक्सलवाद पर प्रहार

विशेष कार्यबल (STF) ने इस वर्ष अपनी सक्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है । एसटीएफ द्वारा नक्सलियों और अपराधियों के साथ की गई मुठभेड़ों की संख्या 08 से बढ़कर 29 हो गई । इस कार्रवाई के तहत 1,682 कुख्यात अपराधियों और 134 नक्सलियों को सलाखों के पीछे भेजा गया । एसटीएफ की सख्ती का ही नतीजा है कि 70 रेगुलर आर्म्स और 15,552 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं 

नक्सली दस्ते समाप्ति के कगार पर

नक्सल विरोधी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण वर्ष 2025 में नक्सली गतिविधियों में भारी गिरावट आई है । पुलिस के बढ़ते दबाव के फलस्वरूप 05 इनामी नक्सलियों और 01 दस्ता सदस्य सहित कुल 06 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया । आत्मसमर्पण करने वालों में रावण कोड़ा और अखिलेश सिंह भोक्ता जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं, जिससे अब नक्सली दस्ता पूरी तरह समाप्ति की ओर है । 

अभियोजन में तेजी: सवा लाख से अधिक को मिली सजा

पुलिस ने केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने (Conviction) में भी सफलता हासिल की है । जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 1,43,545 अपराधियों को दोषसिद्ध कराया गया । इनमें से 04 अपराधियों को फांसी और 1,097 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है । बलात्कार और पोक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों में भी 518 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई 

गंभीर मामलों के लिए स्पीडी ट्रायल की व्यवस्था

न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा स्पीडी ट्रायल पर विशेष जोर दिया गया है । वर्तमान में कुल 934 गंभीर और सनसनीखेज मामलों का स्पीडी ट्रायल कराया जा रहा है । इनमें हत्या के 138, बलात्कार के 89 और पुलिस पर हमले से जुड़े 03 मामले शामिल हैं । इस पहल का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है 

नशीले पदार्थों और जाली मुद्रा पर कार्रवाई

अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस ने मादक पदार्थों और आर्थिक अपराधों पर भी नकेल कसी है । वर्ष 2025 के दौरान कुल 68,270 किलोग्राम गांजा और 7,301 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है । जाली भारतीय मुद्रा (FICN) के मामले में भी पुलिस ने 3.97 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी की है, जो अवैध वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है