10 सर्कुलर रोड छोड़ अपने निजी आवास में शिफ्ट होंगे लालू यादव, छात्र जीवन के बाद पहली बार सरकारी बंगले से बनाएंगे दूरी

बिहार की राजनीति का केंद्र रहा '10 सर्कुलर रोड' अब जल्द ही खाली होने जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अब सरकारी आवास के बजाय अपने निजी घर में रहने का निर्णय लिया है।

 10 सर्कुलर रोड छोड़ अपने निजी आवास में शिफ्ट होंगे लालू याद

Patna - लालू प्रसाद यादव अपने छात्र जीवन के बाद पहली बार किसी निजी मकान में रहने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब वह छात्र नेता थे, तब अपने भाई के सरकारी आवास में रहते थे। उसके बाद विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और फिर उनके बेटों के उपमुख्यमंत्री बनने के कारण वह लगातार दशकों तक सरकारी बंगलों में ही काबिज रहे। अब उम्र के इस पड़ाव पर, जब उन्हें 10 सर्कुलर रोड खाली करने का निर्देश मिला, तो उन्होंने सरकार द्वारा आवंटित नए बंगले को ठुकरा कर अपने निजी घर जाने का फैसला किया है। 

वरिष्ठ पत्रकारों का नजरिया: पहचान बंगले से नहीं


इस बदलाव पर वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि लालू यादव ने बिहार की राजनीति में जो कद हासिल किया है, वह किसी पते (Address) का मोहताज नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, लालू यादव सरकारी बंगले में रहें या अपने निजी घर में, उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए उनके प्रति दीवानगी कम नहीं होगी। लोग उनके विचारों और उनके व्यक्तित्व से जुड़े हैं, इसलिए वह जहां भी रहेंगे, उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहेगा। 

आरजेडी की चुप्पी और भविष्य की रणनीति


लालू यादव के इस व्यक्तिगत निर्णय पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पार्टी के भीतर इसे लालू जी की अपनी इच्छा और सुकून से रहने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, कुछ समर्थकों का मानना है कि अपने निजी आवास में शिफ्ट होकर लालू यादव एक नया राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं कि वह अब जमीन से जुड़कर अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। 

जेडीयू का तीखा हमला और 'महल' का तंज

दूसरी ओर, सत्तापक्ष ने इस पर तंज कसने में देरी नहीं की। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश सचिव ने हमला बोलते हुए कहा कि लालू यादव को हमेशा से 'महलों' और बड़े सरकारी आवासों में रहने की आदत रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियमानुसार बंगला आवंटित किया था, लेकिन उसे ठुकराना उनकी अपनी मर्जी है। साथ ही जेडीयू ने 2005 से पहले के शासनकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके दौर में बिहार में 'अपहरण उद्योग' फला-फूला था। 

समर्थकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव

भले ही राजनीतिक दल इस पर वार-पलटवार कर रहे हों, लेकिन लालू यादव के आम समर्थकों के लिए यह एक भावनात्मक पल है। दानापुर स्थित उनके निजी आवास पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। समर्थकों का कहना है कि 'साहब' जहां भी रहेंगे, वही सत्ता का असली केंद्र होगा। अब देखना यह है कि 10 सर्कुलर रोड की रौनक उनके नए घर में कितनी शिफ्ट हो पाती है।

Report - ranjan  kumar