Bihar News : पर्यटन के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार बिहार, 24 स्थानों को नीतीश सरकार ने किया चिन्हित, आयेंगे देश-विदेश के सैलानी

Bihar News : बिहार अब पर्यटन के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार है. नीतीश सरकार ने राज्य में 24 स्थानों को चिन्हित किया है. जिसका विकास किया जायेगा.....पढ़िए आगे

Bihar News : पर्यटन के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार बिह
अब पर्यटन की बारी - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार अब केवल अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता के लिए भी विश्व पटल पर उभर रहा है। 'डबल इंजन' सरकार की सक्रियता से प्रदेश को विदेशी सैलानियों के लिए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने बिहार की प्राकृतिक संपदा को सहेजते हुए 24 प्रमुख स्थलों को चिन्हित कर उन्हें इको-टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और राज्य की जैव विविधता से दुनिया को रूबरू कराना है।

इको-टूरिज्म सर्किट के लिए विभाग का मास्टर प्लान

पर्यटन विभाग ने राज्य में इको-टूरिज्म को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री के हालिया निर्देशों के बाद, विभाग अब नए संभावित स्थलों की खोज कर उन्हें मौजूदा सर्किट में जोड़ने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में राज्य के 24 प्राकृतिक स्थलों को इस विशेष सूची में रखा गया है, जिनमें वन्यजीव अभ्यारण्य, मनोरम झीलें, कल-कल करते जलप्रपात और विशाल पार्क शामिल हैं। वन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग इन स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के लिए तेजी से काम कर रहा है ताकि प्रकृति प्रेमियों को एक अनूठा अनुभव मिल सके।

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और अमवा मन झील का आकर्षण

बिहार का एकमात्र 'वाल्मीकि टाइगर रिजर्व' इस इको-सर्किट का मुख्य केंद्र है, जहाँ तेंदुआ, हाथी और पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियां पर्यटकों को लुभाती हैं। जंगल सफारी और नेचर ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह स्थान देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। इसके साथ ही, बेतिया की शांत अमवा मन झील और उदयपुर वन्यजीव अभ्यारण्य के पास स्थित ऑक्सबो झील प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना बन गई है। वहीं, भागलपुर स्थित 'विक्रमशिला गंगेय डॉल्फिन अभ्यारण्य' एशिया का एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ विलुप्तप्राय गंगा डॉल्फिन को करीब से देखने के लिए रिवर सफारी का आनंद लिया जा सकता है।

राजगीर का कायाकल्प और जलप्रपातों की सुंदरता

नालंदा जिले का राजगीर अब नेचर सफारी, जू सफारी और ग्लास ब्रिज के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है। यहाँ की घोड़ा कटोरा झील और पांडु पोखर प्राकृतिक शांति का अहसास कराते हैं। इसके अलावा, नवादा का प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात, सासाराम का तुतला भवानी और कैमूर के तेलहर कुंड जैसे झरने सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। जमुई के नागी-नकटी पक्षी अभ्यारण्य और बेगुसराय की प्रसिद्ध 'कांवर झील' (रामसर साइट) को भी इस मास्टर प्लान के तहत विशेष रूप से संरक्षित और विकसित किया जा रहा है ताकि सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों का संरक्षण हो सके।

राजधानी पटना और सीमावर्ती जिलों में बढ़ता पर्यटन दायरा

प्रदेश की राजधानी पटना में स्थित 'संजय गांधी जैविक उद्यान' और 'इको पार्क' (राजधानी वाटिका) शहरी आबादी के बीच प्रकृति का अनुभव प्रदान कर रहे हैं। वहीं, गया का गौतम बुद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य और मुंगेर की खरगपुर पहाड़ियों में स्थित भीमबांध के गर्म पानी के झरने स्वास्थ्य और पर्यटन दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। बांका का ओढ़नी बांध और रोहतास का इन्द्रपुरी बैराज सिंचाई के साथ-साथ अब दर्शनीय स्थलों के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। सरकार की इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।