Bihar Road Accident: बिहार की सड़कें बनीं कातिल, रेड ज़ोन में ये 6 जिले , हकीकत जान कर चौक जाएंगे आप
Bihar Road Accident: बिहार की सड़कों पर मौत का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। हर रोज़ हादसों में जानें जा रही हैं और अब सरकार ने उन इलाकों को चिन्हित कर लिया है, जहां सड़कें सबसे ज्यादा खून बहा रही हैं। देशभर के 100 ऐसे जिलों की पहचान की गई है, जहां सड़क दुर्घटनाएं लगातार कहर बरपा रही हैं। इस खतरनाक सूची में बिहार के छह जिले—पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, गया और नालंदा शामिल हैं। इन जिलों को अब ‘जीरो फैटेलिटी जिला’ घोषित कर दिया गया है, यानी लक्ष्य साफ है अब यहां सड़क पर एक भी मौत नहीं।
यह खुलासा गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ, जहां केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री की अध्यक्षता में राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक चल रही थी। बिहार सरकार की ओर से परिवहन सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इन जिलों में सड़क हादसों के पीछे छिपे हर कारण को चिन्हित कर, उन्हें खत्म करने की जंग शुरू हो चुकी है।
मंत्री के मुताबिक, सड़क सुरक्षा को लेकर बिहार में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सिर्फ साल 2025 में ही 484 हाई-लेवल बैठकें हुईं, जिनमें डीएम, एसपी, परिवहन, पथ निर्माण और इंजीनियरिंग विभाग ने मिलकर दुर्घटना संभावित इलाकों की पड़ताल की। जनवरी महीने में सभी जिलों में रैली, मार्च, मैराथन, ड्राइवर ट्रेनिंग, स्कूल-कॉलेज कार्यक्रम और क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर की मरम्मत जैसे अभियान तेज़ कर दिए गए हैं।
हादसों के हॉटस्पॉट यानी ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट भी सरकार की रडार पर हैं। एनएचएआई के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में 160, 2023 में 145 और 2024 में 114 ब्लैक स्पॉट मिले। पथ निर्माण विभाग ने भी सैकड़ों खतरनाक स्थान चिन्हित किए हैं। यहां तेज मोड़ों को सुरक्षित किया जा रहा है, साइन बोर्ड, बैरिकेडिंग, सड़क चौड़ीकरण और अवैध कट बंद किए जा रहे हैं।
हादसे के बाद मौत से जंग में समय सबसे बड़ा हथियार है। बिहार में 1500 से ज्यादा सरकारी और 2000 निजी एंबुलेंस तैनात हैं। 102 नंबर पर कॉल करने पर शहर में 20 और गांव में 30 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचाने का दावा है। साथ ही, कैशलेस इलाज, हिट एंड रन मुआवजा, ई-डीएआर और पीएम राहत योजना से पीड़ितों को 1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जा रहे हैं।