बिहार के SC-ST और गरीब छात्रों का विदेश में पढ़ाई का सपना होगा सच, नीतीश सरकार और केंद्र की इस योजना से मिलेगी बड़ी राहत
बिहार के मेधावी छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का रास्ता अब और भी आसान हो गया है। नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना के तहत राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई का अवसर दे रही है
Patna - बिहार के प्रतिभावान छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब आर्थिक बाधाएं विदेश में पढ़ाई करने के सपने के आड़े नहीं आएंगी। केंद्र सरकार की 'नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप' योजना को अब बिहार के मेधावी छात्रों के लिए भी सक्रिय रूप से लागू कर दिया गया है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र इस योजना के माध्यम से दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
हर साल 125 छात्रों का होगा चयन, बेटियों के लिए विशेष आरक्षण
इस योजना के तहत हर साल बिहार सहित देश भर से प्रतिभावान छात्रों को चुना जाता है, जिसमें सालाना लगभग 125 सीटें निर्धारित की गई हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए योजना में 30 सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। चयनित छात्र विदेश में मास्टर्स (Post-graduation) और पीएचडी (PhD) स्तर के कोर्सेज में दाखिला लेकर अपने करियर को वैश्विक पहचान दे सकते हैं। इससे बिहार के शैक्षणिक स्तर और युवाओं के वैश्विक प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
ट्यूशन फीस से लेकर हवाई यात्रा तक का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
स्कॉलरशिप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चयनित छात्रों को आर्थिक मोर्चे पर बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस, रहने-खाने का मेंटेनेंस अलाउंस, वीजा फीस, मेडिकल इंश्योरेंस और यहां तक कि हवाई यात्रा का खर्च भी खुद वहन करेगी। यह उन छात्रों के लिए संजीवनी के समान है जो केवल पैसों की कमी के कारण विदेशी विश्वविद्यालयों से मिले एडमिशन ऑफर को ठुकरा देते थे।
आवेदन के लिए जरूरी पात्रता और शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ कड़े नियम और शर्तें तय की गई हैं। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और छात्र की आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि छात्र के पास दुनिया के टॉप 500 (QS Ranking) संस्थानों में से किसी एक से एडमिशन ऑफर होना अनिवार्य है। इसके अलावा, एक परिवार से अधिकतम दो बच्चे ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड, सभी सेमेस्टर की मार्कशीट और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे।
पढ़ाई के बाद देश वापसी की अनिवार्य शर्त
सरकार की इस पहल का उद्देश्य देश के युवाओं को शिक्षित कर स्वदेश की सेवा में लगाना है। योजना की शर्त के अनुसार, पढ़ाई पूरी करने के 30 दिनों के भीतर छात्र को भारत लौटना होगा और कम से कम एक साल तक देश में रहना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे स्कॉलरशिप की पूरी राशि ब्याज सहित सरकार को लौटानी पड़ सकती है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल https://nosmsje.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।