Bihar Teacher Transfer 2026 : बिहार के 6 लाख शिक्षकों को फिर लगा झटका, रोका गया ट्रांसफर, इस दिन से खुलेगी उम्मीद की खिड़की?

Bihar Teacher Transfer 2026 : MLC चुनाव के चक्कर में शिक्षकों का इंतजार बढ़ा, 26 जिलों में 42 हजार सरप्लस शिक्षकों का तबादला पूरा, 12 जिलों में अब भी प्रक्रिया बाकी; म्यूचुअल ट्रांसफर के 4,259 आवेदक भी परेशान

Bihar Teacher Transfer 2026
बिहार के 6 लाख शिक्षकों को फिर लगा झटका- फोटो : X

Bihar Teacher Transfer 2026 : बिहार में सरकारी शिक्षकों का स्थानांतरण अब केवल शिक्षा विभाग की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि चुनावी कार्यक्रमों के बीच बार-बार प्रभावित होने वाला बड़ा मुद्दा बन गया है। चुनाव से पहले तबादले की उम्मीद जगती है, शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं और विभाग प्रक्रिया आगे बढ़ाता है। लेकिन जब मनचाहे स्कूल में पोस्टिंग मिलने का इंतजार खत्म होने वाला होता है, तभी चुनावी आचार संहिता जैसी बाधा सामने आ जाती है। एक बार फिर बिहार के लाखों शिक्षकों के साथ ऐसा ही हुआ है। विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले करीब छह लाख शिक्षकों के स्थानांतरण की उम्मीद जगी थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही चुनावी पाबंदियां लागू हो गईं।

अब शिक्षकों को तबादले के लिए फिर इंतजार करना पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आदर्श आचार संहिता 31 अक्टूबर तक लागू रहने के कारण प्रक्रिया प्रभावित है। इसके बाद विभागीय स्तर पर काम आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन का नया चरण नवंबर के दूसरे सप्ताह से पहले शुरू होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। हालांकि, यदि जिला और प्रमंडल स्तर पर लंबित काम तेजी से पूरा होता है, तो सात नवंबर से आवेदन लेने की संभावना बन सकती है। यह संभावित समयसीमा है, अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम नहीं।

71 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने मांगा ऐच्छिक तबादला

बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत शिक्षकों ने अपने पसंदीदा स्थान पर पोस्टिंग के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किया है। शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 71,151 सरप्लस शिक्षकों ने ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। वहीं, राज्य में सरप्लस शिक्षकों की कुल संख्या करीब 1.60 लाख बताई जा रही है।

शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि उन्हें गृह पंचायत या अपने घर के नजदीक के स्कूलों में तैनाती का अवसर मिले। कई शिक्षक लंबे समय से अपने गृह जिले से दूर नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में मनचाही जगह पर स्थानांतरण उनके लिए पारिवारिक जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की परेशानियों से राहत पाने का जरिया है।

26 जिलों में 42 हजार शिक्षकों का तबादला पूरा

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य के 26 जिलों में इंट्रा-डिस्ट्रिक्ट सरप्लस ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन जिलों के करीब 42 हजार अतिरिक्त शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में पदस्थापित किया जा चुका है।हालांकि, शेष 12 जिलों में जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने की बात सामने आई है। इन जिलों में काम पूरा होने के बाद प्रमंडल स्तर पर स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। शिक्षकों को आवंटित जिलों में स्कूल मिलने और अंतिम स्थानांतरण पत्र जारी होने के बाद ही संबंधित चरण पूरी तरह संपन्न माना जाएगा।

पहले जिला, फिर प्रमंडल और अंत में राज्य स्तर पर तबादला

बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली के तहत प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी की जानी है।पहले चरण में जिले के भीतर सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। इसके बाद प्रमंडल स्तर पर स्थानांतरण होगा, जिसमें संबंधित प्रमंडल के अंतर्गत जिलों में शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर तबादले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस चरण में एक प्रमंडल से दूसरे प्रमंडल में जाने की इच्छा जताने वाले शिक्षक शामिल होंगे।इन चरणों के पूरा होने के बाद स्कूलवार रिक्तियों की सूची जारी की जाएगी। इसके आधार पर सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए जाने हैं। इसीलिए जिला और प्रमंडल स्तर की लंबित प्रक्रिया पूरी होना सामान्य तबादले का रास्ता साफ करने के लिए जरूरी है।

म्यूचुअल ट्रांसफर के 4,259 आवेदन भी अटके

शिक्षकों के लिए आपसी सहमति से स्थानांतरण यानी म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया भी इंतजार में है। बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के पहले चरण में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर इसके लिए 4,259 आवेदन किए गए हैं।इस व्यवस्था के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले शिक्षक आपसी सहमति के आधार पर एक-दूसरे की जगह स्थानांतरण चाहते हैं। लेकिन चुनावी पाबंदियों और अन्य लंबित प्रक्रियाओं के कारण इन आवेदकों को भी अंतिम निर्णय का इंतजार करना पड़ रहा है।

तीन बार जारी हुआ शेड्यूल, फिर भी नहीं पूरी हुई प्रक्रिया

शिक्षा विभाग की ओर से अब तक स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए तीन बार आधिकारिक कार्यक्रम जारी किए जाने की बात सामने आई है।जुलाई 2026 में नियमावली अधिसूचित होने के बाद विभाग ने तीन चरणों में प्रक्रिया पूरी करने का प्रारंभिक कार्यक्रम जारी किया था। इसमें 29 जुलाई से आवेदन और सितंबर में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात थी।इसके बाद बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के कारण पहले चरण का काम प्रभावित होने की जानकारी दी गई। विभाग ने फिर चार से 10 अक्टूबर 2026 तक सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन लेने का नया कार्यक्रम निर्धारित किया। लेकिन चुनाव की तारीखों की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से प्रक्रिया फिर प्रभावित हो गई।

2025 के विधानसभा चुनाव से पहले भी हुआ था ऐसा

शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर चुनाव के आसपास पैदा हुई अनिश्चितता नई नहीं है। बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए व्यवस्थित ऑनलाइन स्थानांतरण नीति सात अक्टूबर 2024 को लाई गई थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव 2025 से पहले शिक्षा विभाग ने ऐच्छिक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की थी।

उस समय प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों से एक से 15 दिसंबर तक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। शुरुआती व्यवस्था में मुख्य रूप से गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, विधवा या परित्यक्ता होने जैसी विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी गई थी। सामान्य शिक्षकों के कई आवेदन स्वीकार नहीं किए गए थे।यह प्रक्रिया भी लंबी चली और चुनाव कार्यक्रम के दौरान प्रभावित हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 में करीब 83 हजार शिक्षकों को उनकी पसंद के स्कूलों में पदस्थापन मिला। इनमें वे शिक्षक भी शामिल थे, जिन्हें चुनाव की घोषणा से पहले जिला आवंटित कर दिया गया था। कई शिक्षक पहले अपने गृह क्षेत्र से 300 से 400 किलोमीटर दूर तक तैनात थे।

अब सात नवंबर पर टिकी नजरें

इस बार भी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन कर रखा है और उन्हें उम्मीद है कि लंबित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपने घर के नजदीक पोस्टिंग मिल सकेगी। लेकिन इसके लिए पहले जिला स्तर पर बचा काम पूरा करना होगा, फिर प्रमंडल और राज्य स्तर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।फिलहाल, शिक्षकों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि सामान्य स्थानांतरण का नया कार्यक्रम कब जारी होगा और आवेदन के बाद अंतिम पोस्टिंग तक कितना समय लगेगा। सात नवंबर से आवेदन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन विभाग की औपचारिक घोषणा के बिना इसे अंतिम तारीख नहीं माना जा सकता। तब तक हजारों शिक्षक अपने तबादले और मनचाहे स्कूल में तैनाती के इंतजार में हैं।