बिहार में ईवी क्रांति की रफ्तार तेज, हर 3-5 किलोमीटर पर मिलेगा चार्जिंग स्टेशन, 10 हजार प्वाइंट से दौड़ेंगे लाखों इलेक्ट्रिक वाहन
Bihar EV Revolution: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब लंबी दूरी के सफर में बैटरी खत्म होने की चिंता धीरे-धीरे खत्म होने वाली है।....
Bihar EV Revolution: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब लंबी दूरी के सफर में बैटरी खत्म होने की चिंता धीरे-धीरे खत्म होने वाली है। राज्य सरकार ने ग्रीन एनर्जी और प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत मार्च 2027 तक राज्य के करीब 4 हजार पेट्रोल पंपों पर 10 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे।इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने के बाद बिहार में ईवी चालकों को लगभग हर 3 से 5 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग सुविधा मिलने लगेगी। सरकार का लक्ष्य है कि रोजाना 2 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को आसानी से चार्ज किया जा सके। इससे न सिर्फ वाहन चालकों की परेशानी कम होगी, बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी नई रफ्तार मिलेगी।
राज्य के करीब 10 हजार किलोमीटर लंबे नेशनल और स्टेट हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। पेट्रोल पंपों पर इलाके की जरूरत और वाहन संख्या के हिसाब से 5 से 10 चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे। इन केंद्रों पर इलेक्ट्रिक कार, बाइक, स्कूटी, ई-रिक्शा, तीन पहिया वाहन और इलेक्ट्रिक बस तक चार्ज की जा सकेंगी।सरकार की योजना सिर्फ पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं है। अब आम लोग अपनी निजी जमीन पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकेंगे। इससे युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
ईवी चालकों के लिए सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि पेट्रोल पंपों पर डीसी फास्ट चार्जर लगाए जा रहे हैं। इन आधुनिक चार्जरों की मदद से वाहन करीब 45 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो सकेगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।
राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी योजना भी चला रही है। इसके तहत 15 मई 2026 या उसके बाद खरीदे गए पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा।योजना के अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को करीब 10 से 12 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है, जबकि चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाली महिलाओं को एक लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इसके लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी और ईंधन पर होने वाला खर्च भी घटेगा। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने के बाद लोग ईवी खरीदने में ज्यादा भरोसा दिखाएंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन व्यवस्था की सफलता के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क सबसे अहम कड़ी होती है। बिहार में 10 हजार से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट का लक्ष्य पूरा होने के बाद राज्य में ईवी इस्तेमाल का दायरा तेजी से बढ़ सकता है। बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार हो रहा यह चार्जिंग नेटवर्क आने वाले वर्षों में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। यह कदम न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि राज्य को आधुनिक और ग्रीन मोबिलिटी की राह पर भी आगे बढ़ाएगा।