Bihar Government Borrowing:बिहार सरकार फिर लेगी 3000 करोड़ का कर्ज, आरबीआई के जरिए रुपये जुटाने की तैयारी
Bihar Government Borrowing: बिहार सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों और विकास योजनाओं के लिए एक बार फिर बाजार से बड़ी रकम जुटाने की तैयारी में है। ...
Bihar Government Borrowing: बिहार सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों और विकास योजनाओं के लिए एक बार फिर बाजार से बड़ी रकम जुटाने की तैयारी में है। राज्य सरकार मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में 3,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। इस रकम के लिए जारी होने वाली प्रतिभूतियों की परिपक्वता अवधि वर्ष 2044 और 2051 तक निर्धारित की गई है। यानी सरकार को इन प्रतिभूतियों के तहत जुटाई गई मूल राशि का भुगतान तय समय पर करना होगा, जबकि निवेशकों को निर्धारित शर्तों के मुताबिक ब्याज मिलता रहेगा।यह पूरी प्रक्रिया आरबीआई के ई-कुबेर (E-Kuber) इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होगी। सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी के नतीजे मंगलवार शाम तक घोषित किए जाने की योजना है। सफल बोलीदाताओं को अगले दिन यानी बुधवार को भुगतान करना होगा।
1,000 करोड़ की प्रतिभूतियां 2044 में होंगी परिपक्व
नीलामी के तहत बिहार सरकार दो अलग-अलग अवधि की सरकारी प्रतिभूतियां जारी करेगी। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 1,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों की परिपक्वता वर्ष 2044 में होगी, जबकि 2,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां वर्ष 2051 में परिपक्व होंगी।इन प्रतिभूतियों पर निवेशकों को हर साल 14 अप्रैल और 14 अक्टूबर को छमाही आधार पर ब्याज दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, वास्तविक ब्याज दर और नीलामी की अंतिम शर्तें आधिकारिक परिणामों के आधार पर स्पष्ट होंगी।सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए कर्ज जुटाना राज्यों के लिए बाजार से वित्तीय संसाधन हासिल करने का एक नियमित माध्यम है। इससे सरकार को विभिन्न खर्चों और योजनाओं के लिए धन उपलब्ध हो सकता है, लेकिन इसके साथ भविष्य में मूलधन और ब्याज चुकाने की जिम्मेदारी भी जुड़ी रहती है।
RBI की नीलामी में 31,200 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां
इस नीलामी प्रक्रिया के तहत आरबीआई कुल 31,200 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री कर रहा है। इसमें बिहार के अलावा कई अन्य राज्य भी शामिल हैं। आरबीआई की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य अपनी जरूरत के मुताबिक प्रतिभूतियां जारी करते हैं और निवेशक इनकी खरीद के लिए बोली लगाते हैं।
सरकारी प्रतिभूतियों को आम तौर पर अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश साधन माना जाता है, क्योंकि इनके भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित सरकार की होती है। हालांकि, बाजार में इनकी कीमत और प्रतिफल ब्याज दरों तथा अन्य आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं।
बिहार सरकार के लिए बाजार से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का कदम वित्तीय प्रबंधन के लिहाज से अहम है। इस धन का इस्तेमाल किन मदों में किया जाएगा, यह संबंधित बजटीय प्रावधानों और सरकारी फैसलों पर निर्भर करेगा।कर्ज के जरिए विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाए जा सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए राजस्व, खर्च और कर्ज चुकाने की क्षमता पर भी नजर रखना जरूरी है। वर्ष 2044 और 2051 में परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियां बताती हैं कि इस उधारी की अदायगी की जिम्मेदारी आने वाले वर्षों तक बनी रहेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट