Bihar Cashless Treatment: सड़क हादसों के घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज, इस दिन से शुरु होगी योजना, इतने लाख का मिलेगा मुफ्त उपचार
Bihar Cashless Treatment: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रही है।...
Bihar Cashless Treatment: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद-रहित उपचार योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह योजना मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली हर तरह की सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी, चाहे सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग हो या ग्रामीण मार्ग।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले किसी भी व्यक्ति को देशभर के चयनित अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना के तहत दुर्घटना के बाद पहले 7 दिनों के भीतर घायल व्यक्ति 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज कराने का हकदार होगा। सरकार का मानना है कि हादसे के बाद शुरुआती “गोल्डन आवर” में इलाज न मिलने के कारण बड़ी संख्या में जानें चली जाती हैं, जिसे यह योजना काफी हद तक रोक सकेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के दायरे से अलग होगी। बीमित मोटर वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं के अलावा अन्य मामलों में केंद्र सरकार बजटीय सहायता प्रदान करेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बीमित मामलों के अलावा अन्य सड़क दुर्घटना मामलों के लिए ₹272 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
नितिन गडकरी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि इस योजना का मकसद समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित कर सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली किसी भी सड़क दुर्घटना का शिकार व्यक्ति योजना के प्रावधानों के अनुसार कैशलेस इलाज पाने का हकदार होगा।
इस अहम बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, व्यापार सुगमता और वाहन नियमन जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि यह योजना न सिर्फ आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो देश में सड़क दुर्घटनाओं के बाद मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है।