भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साधी चुप्पी, मिडिया के सवालों से बचकर निकले सीएम
श्याम प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा कार्यालय पहुंच तो मिडिया ने उनसे इसे लेकर सवाल किया। एनकाउंटर को फेक बताने के दावे को लेकर मीडियाकर्मियों ने जब सवाल किया तो सम्राट चौधरी ने चुप्पी साध ली.
Bharat Bhushan Tiwari : भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को मिडिया के सवालों से बचते नजर आए। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की 17 जून को पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी ने बंदूक दिखाई थी, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। वहीं परिजनों, ग्रामीणों और कई सामाजिक संगठनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। इस घटना के बाद पूरे बिहार में विरोध-प्रदर्शन हुए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।
श्याम प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा कार्यालय पहुंच तो मिडिया ने उनसे इसे लेकर सवाल किया। एनकाउंटर को फेक बताने के दावे को लेकर मीडियाकर्मियों ने जब सवाल किया और बार बार इसे दोहराया उसके बाद भी सम्राट चौधरी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। वे बिना कुछ बोले ही वहां निकल गये। यहाँ तक तक भाजपा के कई अन्य नेताओं और मंत्रियों ने पूर्व में ही इसे लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया था लेकिन सम्राट चौधरी इस मुद्दे पर चूप्पी साधे रहे।
हालांकि मामले को लेकर बढ़ते विवाद और जनदबाव के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाएगी, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। इतना ही नहीं कुछ पुलिसकर्मी पर भी इस मामले में गाज गिरी है। लेकिन खुद मिडिया के सामने कोई भी बयान देने से सम्राट चौधरी बचते नजर आये।
नरोत्तम की रिपोर्ट