बिहार के थाने में बनेगा Child Help Desk और Child Corner, पुलिस की बच्चों के लिए अनोखी पहल
Child Help Desk/Child Corner को प्रत्येक थाना परिसर में ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चे और उनके अभिभावक आसानी से पहुंच सकें। इसे थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
Bihar News : बिहार पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और उन्हें बाल-मित्र वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के प्रत्येक थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित करने का निर्णय लिया है। कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार की पहल के तहत यह व्यवस्था बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 8(5) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।
Child Help Desk/Child Corner को प्रत्येक थाना परिसर में ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चे और उनके अभिभावक आसानी से पहुंच सकें। इसे थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। केंद्र का संचालन थाना के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO) के नेतृत्व में होगा। वहां CWPO का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर के साथ संबंधित जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (DCPO) का नाम और मोबाइल नंबर भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
बालिकाओं से जुड़े मामलों के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि वे अपनी समस्याएं सहजता से साझा कर सकें। प्रदर्शित किए जाने वाले संपर्क नंबर हमेशा सक्रिय रखे जाएंगे। बच्चों और अभिभावकों से मिलने वाली शिकायतों या सहायता संबंधी अनुरोधों पर त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ उनके समयबद्ध निष्पादन और उचित अभिलेख संधारण की व्यवस्था भी होगी।
पुलिस के मुताबिक Child Help Desk/Child Corner के कामकाज की नियमित निगरानी पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध-सह प्रभारी SJPU और अन्य वरीय जिला पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों से संबंधित मामलों में पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और बाल-मित्र बनाना है।
2 अक्टूबर 2026 यानी गांधी जयंती के अवसर पर राज्य के प्रत्येक थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अनुपालन की रिपोर्ट संबंधित जिलों को 5 अक्टूबर 2026 तक कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार को उपलब्ध करानी होगी।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बच्चों से जुड़े मामलों में थाने में उन्हें अलग, सुरक्षित और बाल-मित्र वातावरण उपलब्ध कराने के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में पुलिस की भूमिका और मजबूत होगी।