चिराग की वेतन वाली अपील पर RJD का वार, ‘ज्ञानी महापुरुष’ ‘मोदी-मोदी’ छोड़िए, बिहार की बाढ़ पर मदद मांगिए
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि बिहार परिवार पर आपदा आई है और आपदा किसी दल को देखकर नहीं आती। RJD ने तंज कसते हुए कहा कि अगर मदद करनी ही है तो केंद्र सरकार से मदद क्यों नहीं मांगते.
Bihar Flood : बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की ओर से बिहार के विपक्षी सांसदों और विधायकों से एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की अपील पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तीखा पलटवार किया है। RJD ने चिराग की अपील को लेकर कई सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से बिहार के लिए आर्थिक मदद की मांग करने की चुनौती दी है।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि बिहार परिवार पर आपदा आई है और आपदा किसी दल को देखकर नहीं आती। उन्होंने बताया कि NDA परिवार के सांसदों और विधायकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है। चिराग ने विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों से भी इस पहल में शामिल होने की अपील की थी। उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधियों के एक महीने का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
RJD ने तल्ख अंदाज में जवाब
चिराग की इसी अपील पर RJD ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया। पार्टी की ओर से जारी प्रतिक्रिया में चिराग को संबोधित करते हुए कहा गया, “हे ज्ञानी महापुरुष, अवतारी पुरुष!” RJD ने सवाल किया कि क्या चिराग ने अपने कैबिनेट सहयोगी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
RJD ने कहा कि बिहार में बाढ़ और सुखाड़ से लाखों हेक्टेयर में खड़ी फसल प्रभावित हुई है और बड़ी संख्या में लोग संकट में हैं। पार्टी ने चिराग से उनके संसदीय क्षेत्र में फसल के नुकसान का जायजा लेने और जमुई में हाल में हुई घटना के बाद वहां जाकर पीड़ितों से मिलने को लेकर भी सवाल किए।
‘एक महीने की सैलरी से क्या होगा?’
RJD ने सांसदों और विधायकों के एक महीने का वेतन देने की पहल पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने दावा किया कि बिहार के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के एक महीने के वेतन से जुटने वाली राशि सीमित होगी। RJD ने तंज कसते हुए कहा कि अगर मदद करनी ही है तो एक महीने के बजाय एक साल का वेतन क्यों नहीं दिया जाता।
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन देने की घोषणा की थी। बिहार भाजपा ने भी 51 लाख रुपये का योगदान दिया है और पार्टी के सांसदों, विधायकों तथा विधान पार्षदों की ओर से एक महीने का वेतन देने की घोषणा की गई है।
RJD ने सरकार से पूछे कई सवाल
RJD ने वेतन दान की पहल से आगे बढ़कर सरकार से बाढ़ राहत के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। पार्टी ने सवाल उठाया कि बिहार सरकार के पास आपदा राहत के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है और केंद्र सरकार से राज्य को पर्याप्त वित्तीय सहायता क्यों नहीं मिल रही है। RJD नेता तेजस्वी यादव पहले भी बाढ़ और सुखाड़ से प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये तत्काल सहायता देने और प्रभावित किसानों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग कर चुके हैं।