अनंत सिंह पर जदयू लेगी बड़ा फैसला ! MLC चुनाव से पहले आज NDA विधायक दल की बैठक, सीएम सम्राट ने बनाई रणनीति

NDA के सामने इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती अपने ही खेमे से सामने आ रही है। कुछ सीटों पर गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ बागी या असंतुष्ट नेता मैदान में हैं। इसमें सबसे बड़ी बगावत अनंत सिंह कीदिख रही है

Bihar NDA meeting
Bihar NDA meeting - फोटो : news4nation

Bihar MLC Election 2026:  बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी चुनावी रणनीति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 9 अक्टूबर यानी शुक्रवार को को NDA विधायक दल की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री आवास लोक सेवक में होने वाली इस बैठक में गठबंधन के विधायक, विधान पार्षद और सांसद शामिल होंगे। बैठक में MLC चुनाव की रणनीति के साथ गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी।


विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। वहीं नामांकन वापसी की अंतिम तारीख भी 9 अक्टूबर है। ऐसे में NDA की बैठक को चुनावी लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में उम्मीदवारों की स्थिति, चुनाव प्रचार और गठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय पर विस्तृत मंथन होगा।


बागी और असंतुष्ट नेताओं को साधने पर जोर

NDA के सामने इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती अपने ही खेमे से सामने आ रही है। कुछ सीटों पर गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ बागी या असंतुष्ट नेता मैदान में हैं। ऐसे नेताओं को नामांकन वापस लेने और गठबंधन के आधिकारिक प्रत्याशियों के समर्थन में लाने की कोशिश की जा रही है। गठबंधन के भीतर जदयू के एक विधायक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के तीन विधायकों को भी NDA के साथ पूरी तरह जोड़ने की कवायद चल रही है। बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है।


जदयू के मुख्य सचेतक और विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के नेता संजय गांधी ने बताया कि बैठक में NDA के सभी विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों को बुलाया गया है। हालांकि, अनंत सिंह को बैठक में बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी को प्रदेश अध्यक्ष की ओर से आमंत्रित किया जा रहा है और इस बारे में वही जानकारी देंगे। उन्होंने MLC चुनाव में NDA की स्थिति को बेहतर बताया।


आठ सीटों पर चुनाव, पांच पर NDA का कब्जा

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, तिरहुत, कोसी और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। NDA की ओर से जदयू और भाजपा ने चार-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। गठबंधन के मुताबिक वह सभी सीटों पर एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वर्तमान में इन आठ में से पांच सीटें NDA के पास हैं और गठबंधन के मौजूदा सभी MLC दोबारा चुनाव मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के चार MLC भी शामिल हैं।


नीरज कुमार के सामने अनंत सिंह की चुनौती

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के मौजूदा MLC नीरज कुमार के सामने अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत कुमार सिंह की चुनौती सामने आई है। अनंत सिंह के विरोध ने इस सीट के चुनावी समीकरण को दिलचस्प बना दिया है। NDA नेतृत्व की कोशिश है कि गठबंधन के भीतर किसी तरह के मतभेद का असर आधिकारिक उम्मीदवार पर न पड़े।


सारण शिक्षक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी NDA के सामने मुश्किल स्थिति है। यहां गठबंधन ने जदयू के आनंद पुष्कर को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, लेकिन NDA के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राम पुकार सिन्हा के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं।


बैठक के जरिए शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

बिहार विधानसभा में NDA के पास 201 विधायक हैं। ऐसे में 9 अक्टूबर की बैठक को केवल चुनावी रणनीति की बैठक के तौर पर ही नहीं, बल्कि गठबंधन की एकजुटता और राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। विधायकों के साथ सांसदों को भी चुनाव प्रचार की जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर हुई NDA की बैठक के बाद कहा था कि गठबंधन ने विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा की है और NDA एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। अब 9 अक्टूबर की बैठक में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।