Rajya Sabha Elections: 'भूमिहार उम्मीदवार इसलिए कांग्रेस विधायकों ने नहीं दी वोट', राजेश राम ने तेजस्वी यादव के खिलाफ रची साजिश! MLA के दावे से हड़कंप

Rajya Sabha Elections: कांग्रेस विधायक का दावा है कि राजद के प्रत्याशी भूमिहार थे इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। साथ ही दावा किया कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा था कि आप स्वतंत्र हैं जो निर्णय लें....

मनोज विश्वास
राजेश राम के इशारों पर हुआ खेल!- फोटो : reporter

Rajya Sabha Elections: बिहार कांग्रेस के 3 विधायक ने राज्यसभा चुनाव से नदारद रहे। इन विधायकों के वोट ना करने से राजद उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। अब जो जानकारी सामने आ रही है वो राजनीति की जगह जातीय रुप ले रहा है। कांग्रेस विधायकों का दावा है कि उन्हें उम्मीदवार पसंद नहीं आया इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया। कांग्रेस के फारबिसगंज विधायक के दावे ने तो सियासी भूचाल ही ला दिया है। विधायक जी ने दावा किया है कि उनके नेता और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि आप स्वतंत्र हैं आपको जो निर्णय लेना है लें। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कई बार विधायक जी ने इसका दावा किया। विधायक के इस दावे से अब उंगली राजेश राम पर उठने लगी है। क्या राजेश राम को पहले से इसकी जानकारी थी? राजेश राम ने साजिश रची? राजेश राम ने तेजस्वी के साथ खेला कर दिया? राजेश राम की कार्रवाई वाली बात केवल दिखावा है? राजेश राम पर उठ रहे सवालों का फिलहाल कोई जवाब नहीं है।      

प्रत्याशी को लेकर विवाद 

दरअसल, फारबिसगंज के विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि खरीद-फरोख्त जैसी कोई बात नहीं है। हम लोग सामान नहीं हैं कि कोई खरीद लेगा। हम लोग अपने स्वाभिमान के लिए खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में पार्टी नेतृत्व की भूमिका स्पष्ट नहीं थी और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। विधायक के अनुसार नामांकन के एक दिन पहले प्रत्याशी की घोषणा की गई, जिससे कार्यकर्ताओं और विधायकों में असंतोष था।

राजेश राम ने कहा आप स्वतंत्र हैं जो भी निर्णय लें 

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश नेतृत्व राजेश राम को इस चुनाव में उचित महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब उनके नेता राजेश राम को प्रक्रिया से अलग रखा गया, तो विधायकों को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की ओर से उन्हें स्वतंत्र निर्णय लेने को कहा गया था। विधायक ने कहा कि, राजेश राम ने उन्हें कहा था कि आप स्वतंत्र हैं, जो निर्णय लेना है लें। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर हमने वोट नहीं देने का फैसला किया।

प्रत्याशी पसंद नहीं तो नहीं दिया वोट  

क्रॉस वोटिंग के आरोपों को खारिज करते हुए विधायक ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत और राजनीतिक निर्णय था, न कि किसी दबाव या लालच का परिणाम। उन्होंने कहा कि, अगर हम गद्दारी करते तो क्रॉस वोटिंग करते, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। विधायक ने यह भी कहा कि उम्मीदवार चयन में सामाजिक समीकरणों की अनदेखी की गई, जिससे असंतोष और बढ़ा। जिस समाज के वोट से हम जीतते हैं, उसी समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। फिलहाल इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर विवाद और गहरा गया है, जबकि विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार हमलावर बने हुए हैं।


पटना से नरोत्तम की रिपोर्ट