Bihar News : रक्षाबंधन पर सम्राट सरकार का बड़ा तोहफा, बिहार में बनेगा देश का अनोखा 'महिला विश्वविद्यालय', कुलपति से लेकर कर्मचारी तक केवल महिलाएँ संभालेंगी कमान

Bihar News : सम्राट सरकार ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समर्पित "महिला विश्वविद्यालय" के निर्माण की घोषणा की है........पढ़िए आगे

Bihar News : रक्षाबंधन पर सम्राट सरकार का बड़ा तोहफा, बिहार
बिहार में महिला विश्वविद्यालय - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की छात्राओं के लिए एक ऐतिहासिक सौगात का ऐलान किया है। सरकार ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समर्पित "महिला विश्वविद्यालय" के निर्माण की घोषणा की है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से बिहार की बेटियों को सुरक्षित और सुलभ माहौल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक नया और बेहतर अवसर मिलेगा।

इस प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी और अनोखी खासियत इसकी प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विश्वविद्यालय में प्राध्यापक से लेकर कुलपति तक और अन्य सभी प्रशासनिक व तकनीकी पदों पर केवल महिलाएँ ही जिम्मेदारी निभाएँगी। यह कदम देश में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल माना जा रहा है।

घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं होगा, बल्कि बिहार की बेटियों के सपनों को एक नया आकाश देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस परिसर में शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, व्यावहारिक कौशल के साथ आत्मविश्वास और ज्ञान के साथ आत्मनिर्भरता को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

राज्य सरकार का यह निर्णय बिहार में बालिका शिक्षा की दर को सुधारने और ड्रॉप-आउट रेट को कम करने में भी निर्णायक साबित होगा। सुरक्षित और केवल महिलाओं द्वारा संचालित वातावरण मिलने से अभिभावक भी अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इससे ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने में काफी मदद मिलेगी। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली इस सौगात से प्रदेश भर की छात्राओं और महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस निर्णय को राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो आने वाले समय में बिहार की बेटियों को न केवल शिक्षित बनाएगा, बल्कि उन्हें समाज और देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम भी करेगा।