Bihar Land News: बिहार में भू-लगान रसीद में हुआ बड़का खेला, राजस्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों से किया रिपोर्ट तलब, अब होगी बड़ी कार्रवाई

Bihar Land News: बिहार में ऑफलाइन भू-लागन रसीद काटी जा रही है। जबकि 2024 में ही ऑफलाइन भू-लगान रसीद काटने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। ऐसे में अब विभाग ने सभी जिलों के डीएम से तत्काल रिपोर्ट तलब किया है।

बिहार भूमि
राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई - फोटो : social media

Bihar Land News: बिहार में भूमि विवाद के मामलों पर रोक लगाने के लिए तमाम फैसले लिए जा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों को कई आदेश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है। दरअसल, बिहार में ऑफलाइन भू-लगान रसीद काटने पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद कई जिलों में इस आदेश का उल्लंघन सामने आया है। यह गंभीर गड़बड़ी खुद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जांच में उजागर हुई है।

डीएम से तत्काल रिपोर्ट तलब 

विभाग के अनुसार सहरसा, सुपौल, वैशाली, सीतामढ़ी और मोतिहारी जिलों में 30 अगस्त 2024 के बाद भी ऑफलाइन भू-लगान रसीद काटी गई है। रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही सभी जिलों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने माना है कि इस मामले में पदाधिकारियों और कर्मचारियों की आपराधिक षड्यंत्र की मंशा से इनकार नहीं किया जा सकता। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने सभी जिलों के डीएम से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। उनसे पूछा गया है कि उनके जिले में अव्यवहृत (अनुपयोग में न लाई गई) ऑफलाइन रसीद का वॉल्यूम फिलहाल किसके कब्जे में है।

कुछ जिलों ने निभाई जिम्मेदारी

राजस्व विभाग ने उन पांच जिलों को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया है, जिन्होंने ऑफलाइन रसीद का वॉल्यूम समय पर अभिलेखागार में जमा करा दिया है। इनमें भागलपुर, शेखपुरा, पूर्णिया और दरभंगा शामिल हैं। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि सुपौल जिले का वॉल्यूम भी अभिलेखागार में जमा बताया गया है, इसके बावजूद वहां ऑफलाइन रसीद काटे जाने का मामला सामने आया है।

कड़ी कार्रवाई के संकेत

विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी डीएम, एडीएम, डीसीएलआर और सीओ को भेजे पत्र में इसे अत्यंत गंभीर विषय बताया है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है, बल्कि इसके पीछे आपराधिक मंशा भी झलकती है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि प्राप्त, व्यवहृत, अव्यवहृत और शेष ऑफलाइन भू-लगान रसीद से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन तुरंत विभाग को भेजा जाए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि अव्यवहृत रसीद का वॉल्यूम कहां और किसकी अभिरक्षा में रखा गया है। जिन पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने ऑफलाइन रसीद जारी की है, उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

24 अप्रैल 2024 से लगी थी पूर्ण रोक

गौरतलब है कि 24 अप्रैल 2024 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ऑफलाइन भू-लगान रसीद काटने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। आदेश में कहा गया था कि अंचल स्तर पर रखी गई सभी ऑफलाइन रसीदें एकत्र कर जिला मुख्यालय में सुरक्षित स्थान पर रखी जाएं और 14 अगस्त 2024 तक इनका पूरा ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद सभी अंचलों में केवल ऑनलाइन भुगतान और ऑनलाइन रसीद जारी करने का निर्देश था।