प्रशिक्षु डीएसपी के 'अक्खड़' बर्ताव पर गृह विभाग सख्त: मोतिहारी में तैनात रिषभ कुमार को कड़ी हिदायत, दोबारा ऐसी गलती की तो नपेंगे अफसर, जानें पूरा मामला

राजगीर अकादमी के परेड ग्राउंड में एक मामूली झंडे को लेकर अनुदेशक के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने के आरोपी डीएसपी रिषभ कुमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्यवाही को गृह विभाग ने समाप्त कर दिया है ।

प्रशिक्षु डीएसपी के 'अक्खड़' बर्ताव पर गृह विभाग सख्त: मोतिह

Patna - बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में प्रशिक्षण के दौरान एक मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद अब शांत हो गया है । 67वीं बैच के प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रिषभ कुमार, जो वर्तमान में मोतिहारी में तैनात हैं, उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को गृह विभाग ने समाप्त करने का संकल्प जारी किया है । यह मामला जनवरी 2025 में अकादमी के परेड ग्राउंड में झंडा उठाने के दौरान हुए विवाद से जुड़ा था ।

गाली-गलौज और 'पुश' करने का था आरोप 

घटना 14 जनवरी 2025 की है, जब झंडा उठाने के क्रम में रिषभ कुमार और बाह्य अनुदेशक संजय कुमार पाण्डेय के बीच तीखी बहस हुई थी । आरोप था कि दोनों के बीच अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ और एक-दूसरे को धक्का (Push) दिया गया, जिसे 'गंभीर अनुशासनहीनता' माना गया था । इसी के आधार पर विभाग ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के तहत आरोप गठित किए थे ।

बचाव में सीसीटीवी फुटेज का सहारा 

डीएसपी रिषभ कुमार ने अपने लिखित बचाव में आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया । उन्होंने तर्क दिया कि परेड समाप्ति के बाद वे आगे बढ़ चुके थे, इसलिए उन्हें अनुदेशक की बात सुनाई नहीं दी । उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया कि कोई धक्का-मुक्की नहीं हुई थी, बल्कि अन्य प्रशिक्षु उन्हें वहां से अलग ले जा रहे थे । उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुदेशक ने ही उनके साथ असभ्य भाषा और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया था ।

सरकार की नसीहत: "दोबारा ऐसा न हो" 

गृह विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद पाया कि घटना बहुत ही साधारण सी बात पर हुई थी । सरकार के अवर सचिव रत्नेश कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रिषभ कुमार के बचाव बयान को स्वीकार करते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी गई है । हालांकि, विभाग ने सख्त लहजे में उन्हें हिदायत दी है कि भविष्य में इस प्रकार के आचरण की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए और उन्हें अपने व्यवहार के प्रति सचेत रहना होगा ।

आदेश की प्रति सभी विभागों को जारी 

इस संकल्प की प्रति पुलिस महानिदेशक (DGP), बिहार पुलिस अकादमी के निदेशक और मोतिहारी पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है । विभाग ने साफ कर दिया है कि एक पुलिस अधिकारी से अनुशासन की उम्मीद की जाती है, इसलिए यह चेतावनी उनके रिकॉर्ड का हिस्सा रहेगी ।