Patna Flood: पटना पर बाढ़ का कहर, फतुहा-दनियावां में जलप्रलय, NH-30A के दोनों ओर पीनी ही पानी

Patna Flood:पटना के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है।...

Patna Flood
पटना पर बाढ़ का कहर- फोटो : Hiresh Kumar

Patna Flood:पटना के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गंगा, पुनपुन, फल्गु, धोबा, महतमाइन, कररूवा और भुतही नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने के कारण फतुहा और दनियावां प्रखंड की कई पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। कई इलाकों में पानी तेजी से फैलने के कारण लोगों के बहने और डूबने की भी खबरें सामने आई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

फतुहा से दनियावां तक NH-30A के दोनों तरफ का विशाल इलाका जलमग्न हो गया है। हजारों हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। अब पानी गांवों की ओर बढ़ने से ग्रामीणों के सामने घर-बार बचाने का संकट खड़ा हो गया है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर ने फतुहा के जेठुली, कच्ची दरगाह, मौजीपुर, समसपुर, बांकीपुर गोरख और मकसूदपुर इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है। वहीं पुनपुन नदी के उफान से देवरसौकी, भगवानपुर, दौलतपुर, मुरादपुर, शुकुलपुर, नारायना, खोखना, सुल्तानपुर, डुमरी और सैदपुर में बाढ़ का पानी फैल गया है।

महतमाइन नदी के बढ़ते जलस्तर से मकसूदपुर, नेका रोड, चकरजा, बांकीपुर मछरियावां, बलवा और शिवचक के तटवर्ती इलाके प्रभावित हुए हैं। लोकाइन और भुतही नदी में पानी बढ़ने से मसाढ़ी और दौलतपुर पंचायत के कई गांवों में भी बाढ़ का संकट गहरा गया है।

मनेर प्रखंड का रतन टोला गांव भी गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित है। इस गांव के बड़ी संख्या में लोग देश की सीमाओं पर तैनात होकर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, लेकिन उनका अपना गांव इस वक्त बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है। पानी घुसने से गांव का शहर और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क लगभग टूट गया है।

ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के लिए पानी के बीच से जोखिम उठाकर आवाजाही कर रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कई ऐसे इलाके भी पानी में डूब गए हैं, जो अब तक बाढ़ से बचे हुए थे। ग्रामीणों के सामने अब सुरक्षित स्थान पर जाने और परिवार की जान बचाने की चुनौती है।