Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, छह जिलों में भयावह स्थिति, डूबने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत

Bihar Flood: प्रलयकारी बाढ़ के बीच एक और जहां लोग अपने आशियाने बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी का यह प्रकोप इंसानी जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है।

Bihar Flood
डूबने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत- फोटो : social Media

Bihar Flood: बिहार में मानसून की मार और नदियों के रौद्र रूप ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। विशेषकर गंडक नदी का जलस्तर कई स्थानों पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है, जिससे तटबंधों पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। प्रलयकारी बाढ़ के बीच एक और जहां लोग अपने आशियाने बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी का यह प्रकोप इंसानी जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ और नदियों के पानी में डूबने से शुक्रवार को 20 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है:

पूर्वी चंपारण: बाढ़ के पानी में डूबने से सबसे अधिक 8 लोगों की जान चली गई, जिसमें दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत भी शामिल है।

सारण: यहाँ पानी में डूबने से 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 7 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

सीतामढ़ी: यहाँ पानी के तेज बहाव और सैलाब की चपेट में आने से 2 बच्चों की मौत हो गई।

बक्सर: सिमरी प्रखंड के अंतर्गत गंगा नदी में डूबने से एक किशोर और एक किशोरी की जान चली गई।

गोपालगंज, नालंदा, मधुबनी और समस्तीपुर: गोपालगंज के रामनगर, नालंदा के मानपुर गांव (सकरी नदी), तथा मधुबनी और समस्तीपुर में भी डूबने से एक-एक बच्चे की असामयिक मौत होने की दुखद खबर सामने आई है।

लगातार बढ़ते जलस्तर और धीमी गति से पानी उतरने के कारण तटवर्ती इलाकों में त्रासदी गहराती जा रही है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों के लिए राहत सामग्री पहुँचाना और लापता लोगों की तलाश करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। बाढ़ की इस विकराल मार ने ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी और सुरक्षित ठिकाने का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।