Bihar Politics : वित्त से लेकर ऊर्जा विभाग तक, हर मोर्चे पर खरे उतरे बिजेंद्र प्रसाद यादव, अब बिहार सरकार में बनाये गए डिप्टी सीएम
PATNA : बिहार की सियासत में कई चेहरे आते और जाते हैं, लेकिन कुछ नाम सत्ता और संगठन के बीच ऐसे सेतु बन जाते हैं जिन्हें हिलाना नामुमकिन होता है। सुपौल से विधायक और राज्य सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव एक ऐसा ही नाम हैं। 1990 से आज तक सुपौल की जनता ने उन्हें जिस तरह पलकों पर बिठाया है, वह उनके अजेय चुनावी रिकॉर्ड और बेदाग राजनीतिक जीवन की तस्दीक करता है।
संघर्षों की भट्ठी में तपा व्यक्तित्व
10 अक्टूबर 1946 को सुपौल के मुरली ग्राम में जन्मे बिजेंद्र प्रसाद यादव का राजनीतिक सफर सिद्धांतों की बुनियाद पर खड़ा है। विज्ञान स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने 1967 में राजनीति की सक्रिय दहलीज पर कदम रखा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे उन योद्धाओं में शामिल रहे जिन्होंने आपातकाल (1975) के दौरान 'मीसा' के तहत कठिन यातनाएं झेलीं और कई बार जेल गए। उनका यह शुरुआती संघर्ष ही था जिसने उन्हें जनता के बीच एक जननेता के रूप में स्थापित किया।
लगातार 9 बार जीत: एक ऐतिहासिक कीर्तिमान
सुपौल विधानसभा क्षेत्र और बिजेंद्र प्रसाद यादव अब एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मार्च 1990 से लेकर वर्तमान तक वे लगातार 9वीं बार विधायक चुने गए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी बादशाहत कायम रखी और कुल पड़े 1,71,882 मतों में से 86,174 वोट अकेले हासिल कर कांग्रेस के उम्मीदवार को भारी अंतर से शिकस्त दी।
प्रशासनिक 'चाणक्य' और ऊर्जावान नेतृत्व
बिजेंद्र प्रसाद यादव की गिनती बिहार के सबसे अनुभवी और कुशल प्रशासकों में होती है। उन्होंने राज्य सरकार के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया है। बिहार को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और 'हर घर बिजली' पहुँचाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। वित्त, वाणिज्य-कर, जल संसाधन, उद्योग, नगर विकास और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी दूरदर्शिता की अमिट छाप छोड़ी है।
सादगी और अध्ययन में रुचि
एक कद्दावर राजनेता होने के बावजूद बिजेंद्र प्रसाद यादव अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। स्वर्गीय सुखराम यादव के पुत्र बिजेंद्र यादव की विशेष अभिरुचि पठन-पाठन में है। वे एक गंभीर पाठक और विचारक हैं, जो अक्सर समसामयिक और नीतिगत विषयों पर गहरा अध्ययन करते हैं। 3 पुत्रों और 2 पुत्रियों के पिता बिजेंद्र जी का पैतृक निवास आज भी उनके जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है। बिहार की विकास गाथा में बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम एक ऐसे अध्याय की तरह है, जिसने न केवल राजनीति को स्थिरता दी, बल्कि विकास के पहिये को भी निरंतर गतिमान रखा। सुपौल की जनता के लिए वे सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका में हैं। अब बिजेंद्र यादव को बिहार सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया है।