गौरव राय ने की विद्यालय में छात्राओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण की पहल, अब तक 274 महिलाओं को दी सिलाई मशीनें

गौरव राय ने बताया कि इस सिलाई मशीन का उपयोग विद्यालय में छात्राओं को निःशुल्क सिलाई-कटाई प्रशिक्षण देने के लिए किया जाएगा, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ हुनर भी सीख सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

Gaurav Rai
Gaurav Rai - फोटो : news4nation

Bihar News :  महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत पटना के बिग्रहपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, उतरी शास्त्री नगर को एक सिलाई मशीन प्रदान की गई। यह सिलाई मशीन गौरव राय के कार्यालय में विद्यालय की प्राचार्या रूपम रानी को सौंपी गई। मशीन का सहयोग भागलपुर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट पल्लव पाराशर द्वारा किया गया।


इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर फुलवारीशरीफ की प्राचार्या सुसुम यादव और शिक्षक राकेश रंजन भी उपस्थित रहे। गौरव राय ने बताया कि इस सिलाई मशीन का उपयोग विद्यालय में छात्राओं को निःशुल्क सिलाई-कटाई प्रशिक्षण देने के लिए किया जाएगा, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ हुनर भी सीख सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।


गौरव राय ने कहा कि सिलाई मशीन और साइकिल देने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही जानकारी और मंच की जरूरत होती है। अब तक उनके, उनके परिवार, मित्रों और सोशल मीडिया से जुड़े सहयोगियों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाता रहा है। शिक्षकों की मांग को देखते हुए अब विद्यालयों में भी सिलाई मशीनों का वितरण शुरू किया गया है, जिससे छात्राओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।


प्राचार्या रूपम रानी ने इस सहयोग के लिए पल्लव पाराशर का आभार व्यक्त किया। गौरव राय ने बताया कि बिना किसी एनजीओ के अब तक पूरे बिहार में 274 महिलाओं और विद्यालयों को सिलाई मशीनें दी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पल्लव पाराशर, जो मोकामा के पास मरांची के निवासी हैं, ने उनके कार्यों से प्रेरित होकर दो सिलाई मशीनें उपलब्ध कराईं।


उन्होंने यह भी बताया कि अब लोग अपने बच्चों के जन्मदिन, शादी की सालगिरह या बुजुर्गों की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों को सिलाई मशीन या साइकिल देने के लिए आगे आ रहे हैं। 104 बार रक्तदान कर चुके गौरव राय ने कहा कि इस वर्ष वे अपने वेतन, परिवार और मित्रों के सहयोग से 100 सिलाई मशीनें और 100 साइकिल जरूरतमंदों को उपलब्ध कराएंगे।