बिहार के हजारों शिक्षकों के लिए खुशखबरी : बिहार सरकार ने विवि कर्मियों के बकाया भुगतान हेतु जारी किए 999.84 करोड़ रुपये

बिहार सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों, कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के बकाया व नियमित भुगतान के लिए ₹999.84 करोड़ की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है...

बिहार के हजारों शिक्षकों के लिए खुशखबरी : बिहार सरकार ने विव

Patna : बिहार के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राज्य सरकार ने ₹999.84 करोड़ का फंड जारी कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत यह राशि मार्च से मई 2026 तक के नियमित और बकाया भुगतानों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इस वित्तीय सहायता से पिछले कई महीनों से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।


वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत वेतन और पेंशन का विभाजन

उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल के अनुसार, इस राशि को वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद के तहत मंजूरी दी गई है। कुल बजट में से ₹419.05 करोड़ कार्यरत स्टाफ के वेतन भुगतान के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि ₹580.79 करोड़ सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन और अन्य सेवांत लाभों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।


मगध और बिहार विश्वविद्यालय को मिला सर्वाधिक बजट

सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को उनकी आवश्यकता के आधार पर बजट आवंटित किया गया है। इसमें सर्वाधिक ₹147.28 करोड़ मगध विश्वविद्यालय को, ₹146.09 करोड़ बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को और ₹144.09 करोड़ ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को जारी किए गए हैं। इन तीन बड़े विश्वविद्यालयों को कुल बजट का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त हुआ है।


अन्य प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों को भी मिली राहत राशि

इसके अतिरिक्त पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को ₹101.34 करोड़, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को ₹93.29 करोड़, जयप्रकाश विश्वविद्यालय को ₹72.96 करोड़, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय को ₹68.14 करोड़ और पटना विश्वविद्यालय को ₹67.08 करोड़ आवंटित हुए हैं। साथ ही बीएन मंडल, पूर्णिया, मुंगेर और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय सहित अन्य सभी तकनीकी व क्षेत्रीय संस्थानों को भी राशि हस्तांतरित की गई है।


कुलपतियों को अविलंब बैंक ट्रांसफर सुनिश्चित करने के निर्देश

उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और वित्तीय अधिकारियों को प्रशासनिक व कागजी औपचारिकताएं तुरंत पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवंटित धनराशि बिना किसी तकनीकी देरी के सभी संबंधित लाभार्थियों के बैंक खातों में जल्द से जल्द सीधे ट्रांसफर की जा सके।