Patna News: कब्जे का खेल खत्म! बुलडोजर एक्शन के बाद बड़ा बदलाव, गांधी सेतु के नीचे अब दिखेगा ग्रीन कॉरिडोर का नजारा

Patna News: वर्षों तक अतिक्रमण और बदहाली की गिरफ्त में रहा महात्मा गांधी सेतु के नीचे का इलाका अब नए रंग-रूप में नजर आएगा।...

Patna News: कब्जे का खेल खत्म! बुलडोजर एक्शन के बाद बड़ा बदल
गांधी सेतु के नीचे अब दिखेगा ग्रीन कॉरिडोर का नजारा- फोटो : social Media

Patna News: वर्षों तक अतिक्रमण और बदहाली की गिरफ्त में रहा महात्मा गांधी सेतु के नीचे का इलाका अब नए रंग-रूप में नजर आएगा। गायघाट से लेकर डंका इमली और बिस्कोमान गोलंबर तक फैले क्षेत्र को हरा-भरा बनाने की तैयारी तेज हो गई है। नगर निगम ने इस इलाके को ग्रीन जोन के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। योजना पूरी होने के बाद यह इलाका राजधानी के प्रमुख आकर्षण केंद्रों में शुमार होगा।

अतिक्रमणकारियों के कब्जे से जमीन खाली कराने के बाद पूरे क्षेत्र की कंटीले तारों से घेराबंदी की गई है। अब यहां रंग-बिरंगे फूलों के पौधे, छायादार वृक्ष और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने वाले विशेष पौधे लगाए जाएंगे। लैंप पोस्ट, फाउंटेन और आधुनिक सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह इलाका दिन के साथ-साथ रात में भी जगमगाता नजर आएगा।

नगर निगम का दावा है कि इस परियोजना से न सिर्फ क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और तापमान नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। हरियाली का यह नया ठिकाना लोगों को सुकून देने के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देगा।

नब्बे के दशक में गांधी सेतु के पश्चिमी हिस्से में सड़क किनारे विकसित अशोक वाटिका अपनी घनी हरियाली के लिए मशहूर थी। अशोक के विशाल वृक्षों की छांव में लोग तपती धूप में भी राहत महसूस करते थे। समय के साथ वह हरियाली गायब हो गई, लेकिन अब उसी सुनहरे दौर को फिर से लौटाने की तैयारी है।उधर, डंका इमली स्थित अंबेडकर गोलंबर का भी कायाकल्प किया जाएगा। वहीं गायघाट स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय गुलजारबाग के समीप निर्माणाधीन सेतु के नीचे की जर्जर सड़क जल्द दुरुस्त होगी। इस सड़क का जिम्मा नगर निगम से लेकर पथ निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है।

समानांतर बन रहे नए गांधी सेतु का निर्माण पूरा होने और ग्रीन जोन विकसित होने के बाद यह इलाका राजधानी में जेपी गंगा पथ जैसी खूबसूरत पहचान हासिल कर सकता है। हरियाली, फाउंटेन और आकर्षक संरचनाओं के बीच यह क्षेत्र पर्यावरण प्रेमियों और सैर-सपाटे के शौकीनों का नया ठिकाना बनने की ओर बढ़ रहा है।