Bihar Sand News: बिहार का बालू अब जाएगा दूसरे राज्य, सरकार ने दी हरी झंडी

बिहार में बालू बिक्री को लेकर बड़ा फैसला-अब K-लाइसेंसधारियों के माध्यम से दूसरे राज्यों में भी भेजा जा सकेगा बिहार का बालू। मॉनसून में राजस्व बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने बनाई रणनीति। जिलों में 30-35 लाख CFT बफर स्टॉक सुरक्षित।

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बिहार सरकार ने राज्य में बालू की बिक्री और कारोबार को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया है। अब राज्य के 'K-लाइसेंसधारियों' के माध्यम से बिहार का बालू दूसरे राज्यों में भी भेजा जा सकेगा। खान एवं भूतत्व विभाग ने इसके लिए बकायदा ई-चालान जारी करने की व्यवस्था की है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के राजस्व (Revenue) में बढ़ोतरी करना और मॉनसून के दौरान भी बालू के कारोबार को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है।


मॉनसून में खनन बंदी के बीच आम जनता के लिए बफर स्टॉक तैयार

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मॉनसून अवधि के कारण राज्य में बालू खनन पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। अगले चार महीनों तक निर्माण कार्यों में कोई बाधा न आए और बाजार में बालू की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी न हो, इसके लिए सरकार ने पहले से ही ठोस तैयारी कर ली है। राज्य के विभिन्न जिलों में करीब 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट (CFT) बालू का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले बिहार के स्थानीय निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त बालू सुनिश्चित किया जाएगा, उसके बाद ही अधिशेष (Surplus) बालू दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा।


अस्थायी होगी नई व्यवस्था, जरूरत पड़ने पर वापस लिया जा सकता है फैसला

विभाग ने साफ कर दिया है कि पड़ोसी राज्यों में बालू भेजने की यह अनुमति पूरी तरह से अस्थायी है और इसकी समय-समय पर उच्च स्तरीय समीक्षा की जाएगी। अगर मॉनसून के दौरान बिहार के आम नागरिकों को बालू की किल्लत का सामना करना पड़ता है या कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी होती है, तो इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। आगामी 15 अक्टूबर के बाद जब सूबे में बालू का खनन दोबारा सामान्य रूप से शुरू होगा, तब स्थिति का आकलन कर इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


अवैध खनन और ढुलाई पर बढ़ेगी सख्ती, कप्तानों को गश्त के निर्देश

एक तरफ जहां सरकार दूसरे राज्यों में बालू भेजकर राजस्व बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने की भी पूरी तैयारी है। मॉनसून के दौरान नदियों से अवैध बालू उठाने और उसकी बिना चालान ढुलाई को रोकने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM), एसएसपी (SSP) और एसपी (SP) को विशेष निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। स्थानीय थानों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और छापेमारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि सरकारी नियमों का उल्लंघन न हो सके।