दानापुर पीपा पुल खुला, शुरू हुआ दियारा का दर्द:अब नाव ही एकमात्र सहारा,जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर लोग

मॉनसून के दस्तक देते ही गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने दानापुर पीपा पुल को खोल दिया है। इस पुल के हटते ही दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी मुख्य शहर से पूरी तरह टूट गई है।

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दानापुर पीपा पुल खुलते ही पटना से टूटा संपर्क, जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर लोग- फोटो : news 4 nation

मॉनसून के दस्तक देते ही गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नदी के बढ़ते पानी और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से दानापुर के मुख्य पीपा पुल को खोल दिया है। इस पुल के हटने के साथ ही दियारा क्षेत्र और मुख्य शहर के बीच की जमीनी कनेक्टिविटी पूरी तरह से टूट गई है। हर साल की तरह इस बार भी पीपा पुल के खुलते ही हजारों लोगों की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है।


शुरू हुआ दियारा का दर्द, अब सिर्फ नाव का ही सहारा

पीपा पुल के हटने से दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों की विशाल आबादी के सामने 'दियारा का सालाना दर्द' एक बार फिर लौट आया है। अब लोगों के पास मुख्य शहर (दानापुर और पटना) तक पहुंचने के लिए केवल देसी नावें ही एकमात्र सहारा बची हैं। आवश्यक काम हो, दफ्तर जाना हो या बाजार से सामान लाना हो, दियारा वासियों को अब हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर नावों के जरिए उफनती गंगा नदी को पार करना पड़ रहा है।

मरीजों और छात्रों की बढ़ी मुश्किलें, आपातकाल में बड़ी चुनौती

इस व्यवस्था के बदलने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं और गंभीर मरीजों को हो रही है। दियारा इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण आपातकालीन स्थिति (Medical Emergency) में मरीजों को नाव के भरोसे दानापुर के अस्पतालों में लाना बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा काम हो गया है। समय पर इलाज न मिलने का डर स्थानीय लोगों को चौबीसों घंटे सता रहा है, जिससे इलाके में डर और लाचारी का माहौल है।

महंगे सफर की मार और सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

पीपा पुल हटने से न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि लोगों की जेब पर भी आर्थिक बोझ बढ़ गया है। नाविकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। दूसरी ओर, संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है। नावों पर ओवरलोडिंग (तय सीमा से अधिक लोग या सामान लादना) को रोकने और लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।