पटना में दोहरी त्रासदी: SDO की गाड़ी से कुचलकर इंजीनियर के बेटे की मौत,थोड़ी देर बाद ड्राइवर लाइनमैन का मिला शव
पटना में जक्कनपुर थाना क्षेत्र के विद्युत बिजली विभाग के लाइनमैन अनुराग राज की संदिग्ध मौत और एक बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत से हड़कंप मच गया है. लाइनमैन की पत्नी ने एसडीओ पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है.
राजधानी पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र स्थित विद्युत (केटीपीएस) कॉलोनी में दोहरे हादसों से हड़कंप मच गया है। यहाँ बिजली विभाग के लाइनमैन अनुराग राज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि इससे ठीक पहले विभाग के ही एक इंजीनियर के तीन वर्षीय मासूम बच्चे की गाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। इन दोनों गंभीर मामलों में पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। लाइनमैन की मौत को लेकर उनकी पत्नी ने बिजली विभाग के एसडीओ (SDO) पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
पत्नी का गंभीर आरोप: एसडीओ ने बंद कर दी जान, दोस्त को फोन पर कहा था 'ये लोग मार देंगे'
मूल रूप से बेऊर के विशुनपुर पकड़ी निवासी मृतक लाइनमैन अनुराग राज की पत्नी स्नेहा ने जक्कनपुर थाने में बिजली विभाग के एसडीओ अशोक कुमार सिन्हा और उनके सहयोगियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि मौत से ठीक पहले अनुराग ने अपने एक दोस्त को फोन कर कहा था कि "ये लोग मेरी हत्या कर देंगे।" परिजनों का दावा है कि अनुराग को गार्ड रूम में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया गया था। शव जिस स्थिति में खिड़की से गमछे के सहारे लटका मिला, उसमें उसका घुटना जमीन से सटा हुआ था, जिससे परिजन इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या बता रहे हैं।
सहकर्मियों ने खोला मोर्चा, अधिकारियों पर लगाया गंभीर शोषण का आरोप
इस घटना के बाद बिजली विभाग के अन्य कर्मचारियों और लाइनमैनों का गुस्सा भड़क उठा है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचे सहकर्मियों ने आरोप लगाया कि एसडीओ अशोक कुमार सिन्हा द्वारा लाइनमैनों का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता था। उनसे निर्धारित 8 घंटे से कहीं ज्यादा ड्यूटी ली जाती थी और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर उनसे निजी काम, गाड़ी चलवाना और घरेलू काम तक कराए जाते थे। 3 वर्ष पहले शादी के बंधन में बंधे अनुराग अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, और अपने पीछे डेढ़ साल की बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं।
कॉलोनी गेट के पास गाड़ी से कुचलने से तीन वर्षीय मासूम की गई जान
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार को विद्युत कॉलोनी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे से हुई। आरोप है कि लाइनमैन अनुराग राज जब एसडीओ की स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर उनके आवास की ओर जा रहे थे, तभी कॉलोनी के गेट के पास खेल रहे तीन वर्षीय बच्चे काव्यांश राज को गाड़ी ने टक्कर मार दी। इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। मृतक काव्यांश के पिता मंजीत कुमार खुद बिजली विभाग में इंजीनियर हैं, जबकि उसके चाचा पुष्कर नूतन राजधानी अंचल में कार्यपालक अभियंता हैं। बच्चे की मौत के मामले में ट्रैफिक थाने में अलग से केस दर्ज किया गया है।
आक्रोशित परिजनों का प्रदर्शन, जांच के लिए FSL टीम ने संभाला मोर्चा
इन दोनों घटनाओं से आक्रोशित परिजनों और बिजली कर्मियों ने गुरुवार को न्यू बाइपास सड़क को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया और बाद में बेऊर थाने का घेराव कर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। सदर डीएसपी रंजन कुमार सिंह ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल का बारीक मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।