जमुई एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी का तेजस्वी पर हमला - 'अपने यादव भाइयों को सचेत कर दो, सबका होगा एनकाउंटर'

केंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी यादव को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने ‘भाइयों’ को सचेत कर दें, क्योंकि सम्राट चौधरी की सरकार किसी को बख्शने वाली नहीं है। मांझी ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, “सम्राट का सुशासन है भाई...”

Jamui Encounter
Jamui Encounter- फोटो : news4nation

Jamui Encounter :  जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़खानी के मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि HAM बोलता नहीं, करके दिखाता है।


जीतन राम मांझी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जमुई मामले की जानकारी सभी को हो गई होगी, लेकिन वह इसकी ताजा जानकारी देना चाहते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें तेजस्वी बिहार और उत्तर प्रदेश के यादवों को अपना भाई बताते रहे हैं। मांझी ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हीं ‘भाइयों’ में से कुछ लोगों ने जमुई में लड़की से छेड़खानी कर उसका वीडियो बनाया था, ताकि सरकार को बदनाम किया जा सके। उन्होंने आगे लिखा कि अब तेजस्वी यादव यह कहेंगे कि “सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया।”


केंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी यादव को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने ‘भाइयों’ को सचेत कर दें, क्योंकि सम्राट चौधरी की सरकार किसी को बख्शने वाली नहीं है। मांझी ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, “सम्राट का सुशासन है भाई...”


तेजस्वी का 'भगवा बलात्कारी' 

जमुई की घटना को लेकर इससे पहले तेजस्वी यादव ने आरोपी के भगवा गमछा पहने होने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी पर निशाना साधा था। तेजस्वी ने आरोपी को “भगवा बलात्कारी” बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे। इसी राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद जीतन राम मांझी ने तेजस्वी पर पलटवार किया है।

पुलिस के अनुसार, नंदन यादव को गिरफ्तार करने के दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला किया और भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जमुई की घटना अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ भगवा गमछे, आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा भी बन गई है।