जेडीयू का बड़ा एक्शन: चुनाव में भितरघात करने वाले 12 नेता पार्टी से बाहर, 6 वर्षों के लिए निष्कासित

जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 नेताओं को दल से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला बिहार विधानसभा आम चुनाव-2025 के दौरान पार्टी और गठबंधन के प्रत्याशियों के विरुद्ध कार्य करने के आरोपों के बाद लिया गया है

जेडीयू का बड़ा एक्शन: चुनाव में भितरघात करने वाले 12 नेता पा

Patna  - बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने वाले पदाधिकारियों पर जदयू ने कड़ा प्रहार किया है। पार्टी द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पूर्व विधायकों और जिला प्रभारियों सहित 12 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है 2।

जांच समिति की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

विधानसभा चुनाव के दौरान कई क्षेत्रों से भितरघात की शिकायतें मिली थीं 3। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पार्टी ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था 4। समिति द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि इन नेताओं ने दल और गठबंधन के हितों के विरुद्ध कार्य किया, जिसके बाद इन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित करने का आदेश जारी किया गया 5

निष्कासित नेताओं की सूची

कार्रवाई की जद में आए प्रमुख नेताओं के नाम और उनके पद निम्नलिखित हैं6:

क्र० सं०

नाम

पद/स्थान

1.

श्री अशोक सिंह

पूर्व स०वि०स० सह पूर्व जिलाध्यक्ष, औरंगाबाद 

2.

श्री संजीव कुमार सिंह

नेता जदयू, औरंगाबाद

3.

श्री प्रमोद सदा

नेता जदयू, सहरसा

4.

श्री राज कुमार साह

नेता जदयू, सहरसा 

5.

श्री संजय कुशवाहा

नेता जदयू, सिवान

6.

श्रीमती कमला कुशवाहा

नेता जदयू, सिवान

7.

श्री गोपाल शर्मा

पूर्व जिलाध्यक्ष, जहानाबाद 

8.

श्री महेन्द्र सिंह

नेता जदयू, जहानाबाद 

9.

श्री गुलाम मुर्तजा अंसारी

नेता जदयू, जहानाबाद 

10.

श्री अमित कुमार पम्मू

नेता जदयू, जहानाबाद 

11.

श्री अवधेश लाल देव

नेता जदयू, दरभंगा 

12.

मो० जमीलुर्रहमान

प्रखंड अध्यक्ष, कोच, गयाजी 


पार्टी के भीतर अनुशासन का संदेश

प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी इस पत्र ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी 19। चुनाव के बाद इस तरह की बड़ी कार्रवाई से अन्य कार्यकर्ताओं को भी कड़ा संदेश देने की कोशिश की गई है कि दल के आधिकारिक फैसले के खिलाफ जाने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।

रिपोर्ट - नरोत्तम  कुमार