'10:30 बजे हमारे आवास आइए…' सुबह सुबह संजय झा से घर पहुंचकर नीतीश ने दिया निर्देश, फिर एमएलसी चुनाव पर बड़ी बैठक, बिहार में सियासी हलचल तेज
18 जून को होने वाले बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के चुनाव और एक सीट के उपचुनाव को लेकर जदयू पूरी तैयारी में जुटी हुई है। बैठक को उम्मदीवारों के चयन और एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है।
Bihar MLC Election : बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार रविवार सुबह अचानक पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा के 5 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंच गए। नीतीश कुमार के पहुंचते ही वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया और जमकर नारेबाजी होने लगी। इस दौरान नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने संजय झा से कहा, “आप 10 नहीं, 10:30 बजे के बाद हमारे आवास पर आइए, बैठकर बैठक करेंगे।”
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर नीतीश कुमार के आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की जा रही है। कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा भी बैठक में शामिल होने के लिए नीतीश कुमार के आवास पहुंचे। आज की बैठक को उम्मदीवारों के चयन और एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 18 जून को होने वाले बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के चुनाव और एक सीट के उपचुनाव को लेकर जदयू पूरी तैयारी में जुटी हुई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जदयू विधायक दल के नेता और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी इस चुनाव में चार उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को भी पार्टी एमएलसी उम्मीदवार बना सकती है। अब सबकी नजरें जदयू की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
एनडीए में बड़ी चुनौती
दरअसल, एनडीए के भीतर सीटों को लेकर कई सहयोगी दल दावेदारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल दीपक प्रकाश फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी है। वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी अपनी पार्टी के लिए एक सीट की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने भी एक सीट पर दावा ठोका है। ऐसे में भाजपा के सामने सहयोगी दलों के बीच सीटों का संतुलन साधना बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।
18 जून को चुनाव
इस बीच निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों तथा एक उपचुनाव के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक संपन्न कर ली जाएगी।
इनका खत्म होगा कार्यकाल
जिन 9 सीटों पर चुनाव होना है, उन पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह की सीटें शामिल हैं। वहीं उपचुनाव उस सीट पर कराया जाएगा जो नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।
अभिजीत की रिपोर्ट