जोगिया कांड : हत्या और आगजनी में पुलिस का बड़ा खुलासा, दो साल पहले अजित तिवारी के यहां मजदूरी करना छोड़ चुका था चंद्रेश्वर चौधरी

रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में हुई चंदेश्वर चौधरी की हत्या और उसके बाद हुई हिंसा के मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी दी है। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि मामले सीआईडी द्वारा जांच शुरु कर दी गई है

जोगिया कांड : हत्या और आगजनी में पुलिस का बड़ा खुलासा, दो साल
जोगिया हत्याकांड और आगजनी में पुलिस का बड़ा खुलासा- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : बिहार पुलिस मुख्यालय ने रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में हुई चंदेश्वर चौधरी की हत्या और उसके बाद हुई हिंसा के मामले में मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी दी है। एडीजी लॉयन ऑर्डर के सुचिता अनुपम और मुख्यालय एडीजी सुनील कुमार ने संयुक्त रुप से बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी (CID) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है।


हत्या और आगजनी की पूरी घटना

दोनो अधिकारियों ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे जोगिया गांव में आरोपी अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी ने पुरानी रंजिश में चंदेश्वर चौधरी (55 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को बक्सर जिले के सिकरौल थाना क्षेत्र की नहर में फेंक दिया। मृतक चन्देश्वर चौधरी का अभियुक्त अजित तिवारी से बहुत पुराना संबंध था। हालांकि वह 2 वर्ष पहले ही वह आरोपी अजीत तिवारी के यहां मजदूरी का काम छोड़ दिया था। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और असामाजिक तत्वों ने आरोपी के घर, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर में आग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर भी ईंट-पत्थरों से हमला किया गया, जिसमें 8 से 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।


5 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार, कारतूस बरामद

घटना की सूचना मिलते ही रोहतास के पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के मात्र 5 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 21 कारतूस और 5 खोखा बरामद किए गए। वहीं, मृतक चंदेश्वर चौधरी का शव अगले दिन 6 अगस्त को बक्सर के इनरपुर नहर से बरामद किया गया।


CID की जांच और पुलिस बल की तैनाती

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस उप-महानिरीक्षक (CID) जयंतकांत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसपी आलोक और एसपी रामानन्द कौशल शामिल हैं। टीम ने घटनास्थल और आगजनी वाले स्थान का मुआयना किया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मृतक के गांव 'मिल्की' और आरोपी के गांव 'जोगियां' में पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है।


3 अलग-अलग मामले दर्ज

मामले में दिनारा थाने में तीन प्रथमिकी दर्ज की गई हैं:

  1. हत्या का मामला (कांड सं०-378/26): अजीत तिवारी समेत अन्य नामजद के खिलाफ।
  2. पुलिस पर हमला (कांड सं०-379/26): 16 नामजद और 300-400 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ।
  3. आगजनी व तोड़फोड़ (कांड सं०-380/26): आरोपी की पत्नी के आवेदन पर 16 नामजद व 300-400 अज्ञात के खिलाफ।


सोशल मीडिया पर नकेल, 600 पोस्ट टेक डाउन

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और सामाजिक विद्वेष बढ़ाने वाले पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे करीब 600 पोस्ट को टेक डाउन (हटाया) कराया गया है तथा रोहतास साइबर थाने में (कांड सं०-40/26) दर्ज कर 1 अभियुक्त के खिलाफ प्राथमिकी अंकित की गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।


रंजीत की रिपोर्ट