अब ट्रेन में सफर करने पर मिलेंगे रिवॉर्ड पॉइंट्स, मुफ्त चाय-नाश्ता और कंफर्म लोअर बर्थ की होगी गारंटी!
भारतीय रेलवे यात्रियों को एयरलाइंस जैसी सुविधाएं देने के लिए रिवॉर्ड सिस्टम ला रहा है। पॉइंट्स के जरिए मुफ्त खाना, लोअर बर्थ और टिकट अपग्रेड की सुविधा मिलेगी।
Patna : भारतीय रेलवे अब पटरियों पर 'हवाई' सुविधाएं देने की तैयारी में है। बजट एयरलाइंस और लग्जरी बसों की ओर बढ़ते यात्रियों को वापस खींचने के लिए रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा 'लॉयल्टी प्रोग्राम' शुरू करने जा रहा है। इस योजना के तहत यात्रियों को हर किलोमीटर के सफर पर पॉइंट्स मिलेंगे, जिन्हें वे अगले टिकट या खाने-पीने के लिए 'कैश' की तरह इस्तेमाल कर सकेंगे।
आईआरसीटीसी बनेगा डिजिटल वॉलेट: ऐसे मिलेगा लाभ
रेलवे बोर्ड के मुताबिक, आईआरसीटीसी (IRCTC) पोर्टल को पूरी तरह अपडेट किया जाएगा। अब यात्री का खाता उसके आधार कार्ड से लिंक होगा। आप जितनी लंबी दूरी तय करेंगे, उतने ही ज्यादा 'रेल पॉइंट्स' आपके खाते में जमा होंगे। आधार लिंक होने के कारण इसमें धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। यह पॉइंट्स सीधे यात्री के डिजिटल वॉलेट में रिफ्लेक्ट होंगे।
अप्रैल से 'वंदे भारत' और 'तेजस' में होगा ट्रायल
रेलवे इस महत्वाकांक्षी योजना को अप्रैल 2026 से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने जा रहा है। सबसे पहले इसे प्रीमियम ट्रेनों जैसे वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस में लागू किया जाएगा। यहाँ सफलता मिलने के बाद इसे देश की सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में विस्तार दिया जाएगा। रेलवे का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा रिवॉर्ड प्रोग्राम होगा, जिसमें रोजाना 3 करोड़ यात्री और 7000 स्टेशन शामिल होंगे।
रिवॉर्ड पॉइंट्स से क्या-क्या मिलेगा फ्री?
अगर आपके पास पर्याप्त पॉइंट्स हैं, तो आप रेलवे की इन वीआईपी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे:
मुफ्त टिकट: टिकट बुकिंग के समय बेस किराये में भारी छूट या पूरी टिकट मुफ्त।
क्लास अपग्रेड: थर्ड एसी का टिकट होने पर पॉइंट्स के जरिए उसे सेकेंड या फर्स्ट एसी में बदल सकेंगे।
लग्जरी लाउंज: स्टेशनों पर बने लग्जरी लाउंज में पॉइंट्स के जरिए मुफ्त एंट्री और आराम।
फ्री ई-कैटरिंग: सफर के दौरान अपनी पसंद का खाना और नाश्ता मुफ्त ऑर्डर करने की सुविधा।
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एयरलाइंस को पटखनी देने की तैयारी
ऑफ-सीजन में जब ट्रेनें खाली रहती हैं, तब रेलवे इन पॉइंट्स की वैल्यू बढ़ा सकता है ताकि लोग सफर के लिए प्रोत्साहित हों। रेलवे का यह कदम सीधे तौर पर उन यात्रियों के लिए है जो समय बचाने के लिए छोटी दूरी की फ्लाइट्स चुनते हैं। अब लग्जरी सुविधाओं और रिवॉर्ड्स के दम पर रेलवे अपनी 'लॉस्ट टेरिटरी' वापस पाने की रणनीति बना चुका है।