ईंधन संरक्षण की बड़ी पहल: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज ने संकाय सदस्यों के लिए जारी की 'कार पूलिंग' एडवाइजरी

वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण उत्पन्न वैश्विक स्थितियों को लेकर पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। इधर पटना के बिहटा स्थित नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने एक एडवाइजरी जारी की है.....

ईंधन संरक्षण की बड़ी पहल: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज ने संकाय

Patna : वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण उत्पन्न वैश्विक स्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मेडिकल डायरेक्टर के कार्यालय से जारी एक आधिकारिक नोटिस के माध्यम से संस्थान के सभी वरिष्ठ डॉक्टरों और संकाय सदस्यों से ईंधन बचाने की अपील की गई है। संस्थान का मानना है कि वर्तमान संकट के समय में संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग समय की मांग है।


संकाय सदस्यों से साझा परिवहन अपनाने का आग्रह 

संस्थान द्वारा जारी एडवाइजरी (Ref. No: NSMCH/Med. Dir/29/2026) के अनुसार, सभी पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों, सीनियर रेजिडेंट्स, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और अन्य फैकल्टी सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे अस्पताल आने-जाने के लिए साझा परिवहन (Pooled/Shared Transport) का अधिकतम उपयोग करें। इस पहल का उद्देश्य व्यक्तिगत वाहनों के उपयोग को कम करना है ताकि ईंधन की खपत को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।


खाड़ी युद्ध के प्रभाव को देखते हुए लिया गया निर्णय 

नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह निर्णय वर्तमान में जारी खाड़ी युद्ध की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले संभावित दबाव को कम करने के लिए संस्थान ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है। 13 मई 2026 को जारी इस नोटिस में ईंधन संरक्षण को 'लोकहित' (Public Interest) से जोड़कर देखा गया है।


जनहित में सहयोग की अपील 

मेडिकल डायरेक्टर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इस मामले में सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों का सहयोग अत्यंत सराहनीय होगा। संस्थान का मानना है कि एक जिम्मेदार शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान होने के नाते, समाज के सामने ऊर्जा संरक्षण का उदाहरण पेश करना उनका कर्तव्य है। साझा परिवहन की इस व्यवस्था से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि यातायात और प्रदूषण के प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।


प्रशासनिक स्तर पर सराहना 

नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इस अनूठी पहल की प्रशासनिक हलकों में चर्चा हो रही है। बिहटा जैसे महत्वपूर्ण केंद्र में स्थित इस बड़े संस्थान द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य संस्थानों के लिए भी एक मिसाल पेश कर सकता है। वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सादगी और संसाधनों के संरक्षण का यह संदेश सीधे तौर पर आम जनमानस को भी जागरूक करने का प्रयास है।