मनेर नगर परिषद में 70 लाख के नाला-सड़क निर्माण में बड़ा घोटाला? पार्षदों ने खोला मोर्चा, EOU की चेतावनी!
मनेर नगर परिषद क्षेत्र में ₹70 लाख से अधिक की लागत से बन रहे RCC नाला और PCC सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप। वार्ड 4 के पार्षद तौसिफ खान समेत 7 पार्षदों ने कनीय अभियंता और संवेदक की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए भुगतान रोकने की मांग की है।
पटना जिले के नगर परिषद मनेर के मुख्य चौराहा से मिरा चक मोड़ तक हो रहे करीब 70 लाख रुपये से अधिक के RCC नाला और PCC सड़क निर्माण में भारी धांधली का मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 4 के पार्षद तौसिफ खान के नेतृत्व में कई जनप्रतिनिधियों ने इस गड़बड़ी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने सामूहिक रूप से नगर विकास प्रमंडल पटना पश्चिमी के कार्यपालक अभियंता को लिखित शिकायत भेजकर निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है।
प्राक्कलन की अनदेखी और मानकों का उल्लंघन
यह विवादित ठेका राजीव रंजन इंटरप्राइजेज को 70,45,858 रुपये की लागत से आवंटित किया गया था, जिसका प्राक्कलन (इस्टीमेट) 22 अप्रैल 2025 के आदेश पर तैयार हुआ था। पार्षदों का आरोप है कि कार्य शुरू करने से पहले स्थल की जमीनी जांच नहीं की गई और वर्तमान में तय मानकों को ताक पर रखकर निर्माण किया जा रहा है। इस्टीमेट में निर्धारित लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई की अनदेखी कर "जैसे-तैसे" काम निपटाया जा रहा है।

कनीय अभियंता और संवेदक की मिलीभगत के आरोप
शिकायत पत्र में विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षदों का सीधा आरोप है कि इस कार्य के कनीय अभियंता (JE) डब्लू कुमार रजक स्वयं मौके पर मौजूद रहकर संवेदक को नाजायज लाभ पहुंचा रहे हैं। पार्षदों ने दावा किया कि उक्त ठेकेदार पहले भी नगर परिषद के कई कार्यों में संलिप्त रहा है, और यदि उसकी चल-अचल संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो सरकारी धन की "भारी लूटपाट" का बड़ा खुलासा हो सकता है।

भुगतान पर रोक की मांग और EOU की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि जब तक निर्माण स्थल की दोबारा गहन जांच कर नई नापी पुस्तिका (मेजरमेंट बुक) तैयार नहीं हो जाती, तब तक राजीव रंजन इंटरप्राइजेज के सभी चालू भुगतानों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे निगरानी विभाग और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से जांच कराने को बाध्य होंगे। इस मांग पत्र पर तौसिफ खान (वार्ड-04), उदय कुमार शर्मा (वार्ड-06), अंकित कुमार सिंह (वार्ड-15), सुशील कुमार भूपेन्द्र (वार्ड-12), राजन कुमार (वार्ड-16), अंजू देवी (वार्ड-24) और अभिषेक राज (वार्ड-23) के हस्ताक्षर शामिल हैं।