मोकामा के लाल ने बढ़ाया बिहार का मान, लेफ्टिनेंट विशाल को मिला राष्ट्रपति के हाथों मिला ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’, देश में पहला स्थान

‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ भारतीय सैन्य अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है, जो सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड जेंटलमैन कैडेट को प्रदान किया जाता है। मोकामा के लेफ्टिनेंट विशाल ने देश में पहला स्थान हासिल कर यह उपलब्धि हासिल की है.

Mokama Lt Vishal Becomes IMAs Best Cadet
Mokama Lt Vishal Becomes IMAs Best Cadet- फोटो : news4nation

Lt Vishal : मोकामा के लाल लेफ्टिनेंट विशाल कुमार ने बिहार का मान बढ़ाया है। बिहार के पटना जिले के मोकामा के हाथीदह पंचायत स्थित महेंद्रपुर गांव के लिए 13 जून का दिन ऐतिहासिक बन गया। गांव के बेटे लेफ्टिनेंट विशाल कुमार ने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून की 158वीं पासिंग आउट परेड में देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ और प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल हासिल कर न केवल मोकामा बल्कि पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया है।


पासिंग आउट परेड के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं लेफ्टिनेंट विशाल कुमार को इन सम्मान से अलंकृत किया। ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ भारतीय सैन्य अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है, जो सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड जेंटलमैन कैडेट को प्रदान किया जाता है। वहीं प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल पूरी मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कैडेट को दिया जाता है।


पिता सेना में सिपाही 

विशाल कुमार की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि उनके पिता विनोद कुमार सिंह भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट की चौथी बटालियन से सेवानिवृत्त सिपाही हैं। पिता की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए विशाल ने न सिर्फ सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ कैडेट बनकर इतिहास भी रच दिया।


लेफ्टिनेंट विशाल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद आरएमएस चैल (Rashtriya Military School, Chail) से शिक्षा ग्रहण की और फिर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी कैडेटों में पहला स्थान हासिल किया।


मोकामा में ख़ुशी का माहौल 

मोकामा में विशाल की सफलता को लेकर खुशी का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है। एक सेवानिवृत्त सैनिक के बेटे का सेना में गोल्ड मेडलिस्ट अधिकारी के रूप में कमीशन होना न केवल परिवार बल्कि पूरे मोकामा और बिहार के लिए गर्व का विषय है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि मोकामा की पहचान में चार चांद लगाने वाली यह तस्वीर हर उस युवा को प्रेरित करेगी जो देश सेवा का सपना देखता है। लेफ्टिनेंट विशाल कुमार की सफलता ने साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी देश के सर्वोच्च मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया जा सकता है। मोकामा के इस लाल की उपलब्धि आज पूरे बिहार के लिए सम्मान और गर्व का प्रतीक बन गई है।