बिना टेंडर लूट का 'मास्टरमाइंड'? डीएम की जांच में खुली तत्कालीन ईओ की पोल, अनुशासनिक कार्रवाई की तैयारी तेज
बिना टेंडर काम कराने को लेकर नगर पंचायत के पूर्व ईओ पर विभागीय गाज गिरी है। डीएम की जांच रिपोर्ट में बिना टेंडर सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि के बाद आरोप पत्र गठित कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने नीतीश सरकार के जीरो टालरेंस को साबित कर दिया है।
Motihari - : भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पकड़ीदयाल नगर पंचायत के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार (वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, गोपालगंज) के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता के मामले में आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है。
बिना टेंडर 15 योजनाओं में सरकारी राशि की लूट
विभागीय जांच में यह पाया गया कि अजय कुमार ने पकड़ीदयाल में अपने कार्यकाल के दौरान नियमों को ताक पर रखकर 15 गैर-महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन किया。 इन योजनाओं के लिए अनिवार्य टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिससे सरकारी धन का भारी दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता हुई。
डीएम की जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज
भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर मोतिहारी जिलाधिकारी (DM) द्वारा पूरे मामले की जांच कराई गई थी。 पकड़ीदयाल डीसीएलआर और पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता द्वारा की गई इस जांच में कार्य में भारी धांधली की पुष्टि हुई。 इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है。
अपर निदेशक ने अवर सचिव को लिखा पत्र
नगर विकास एवं आवास विभाग के परियोजना पदाधिकारी सह अपर निदेशक उमाकांत पांडेय ने 18 फरवरी 2026 को अवर सचिव, योजना एवं विकास विभाग को पत्र भेजकर अनुशासनिक कार्रवाई हेतु विहित प्रपत्र में गठित आरोप पत्र प्रेषित किया है。 इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अजय कुमार के खिलाफ विभागीय नियमों के उल्लंघन के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए。
रिपोर्ट - हिमांशु कुमार मिश्रा