बिहार में राष्ट्र गीत के लिए नई गाइडलाइन: स्कूलों में 'वन्दे मातरम्' अनिवार्य, जानें गायन और सम्मान के नए नियम
बिहार सरकार ने राष्ट्र गीत 'वन्दे मातरम्' के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब कार्यक्रमों में राष्ट्र गान से पहले राष्ट्र गीत बजेगा और सावधान की मुद्रा में खड़ा होना होगा अनिवार्य। जानें क्या हैं नए नियम।
Patna - बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने भारत के राष्ट्र गीत 'वन्दे मातरम्' के सम्मान, आधिकारिक गायन और वादन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं । गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के आलोक में जारी इस आदेश का उद्देश्य राष्ट्र गीत के प्रति उचित शिष्टाचार और सम्मान सुनिश्चित करना है ।
राष्ट्र गान से पहले राष्ट्र गीत का नियम
सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिन अवसरों पर राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान (National Anthem) दोनों का गायन या वादन होगा, वहाँ राष्ट्र गीत पहले गाया या बजाया जाएगा । यह आदेश बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सख्ती से अनुपालन हेतु भेजा गया है ।
सावधान की मुद्रा और सम्मान के नियम
सिनेमा हॉल में छूट: यदि किसी फिल्म या वृत्तचित्र के दौरान राष्ट्र गीत बजता है, तो दर्शकों से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाएगी ताकि फिल्म के प्रदर्शन में बाधा न आए ।
वादन का समय: राष्ट्र गीत के आधिकारिक संस्करण को गाने या बजाने की कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है ।
अनिवार्य उपस्थिति: जब भी आधिकारिक राष्ट्र गीत गाया या बजाया जाएगा, श्रोताओं को 'सावधान' (Attention) की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा ।इन अवसरों पर होगा आधिकारिक वादन
राष्ट्र गीत को निम्नलिखित प्रमुख राजकीय और सार्वजनिक अवसरों पर बजाया जाएगा:
सवैधानिक प्रमुख: राष्ट्रपति या राज्यपाल के औपचारिक राजकीय समारोहों में आगमन और प्रस्थान के समय ।
राष्ट्रीय प्रसारण: आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले और बाद में ।
ध्वजारोहण: जब परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाया जाए या परेड के अलावा अन्य सांस्कृतिक समारोहों में झंडा फहराया जाए ।
सिविल इन्वेस्टिचर्स: नागरिक सम्मान समारोहों के दौरान इसका आधिकारिक वादन होगा ।
स्कूलों के लिए विशेष निर्देश
दिन की शुरुआत: बिहार के सभी विद्यालयों में दिन के कार्य का प्रारंभ राष्ट्र गीत के सामूहिक गायन (Community Singing) के साथ होना चाहिए ।
जागरूकता: स्कूल प्राधिकारियों को छात्रों के बीच राष्ट्र गीत, राष्ट्र गान और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति श्रद्धा बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ।
सामूहिक गायन की व्यवस्था
सांस्कृतिक समारोहों में सामूहिक गायन के लिए पर्याप्त संख्या में गायकों की मंडली (Choir) और लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि जनता स्वर में स्वर मिलाकर गा सके । आवश्यकतानुसार राष्ट्र गीत के आधिकारिक बोल (Lyrics) भी वितरित किए जा सकते हैं ।