कुदरत का कहर या बिजली विभाग की लापरवाही? 100 बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक, दाने-दाने को मोहताज हुए किसान
नवादा के अकबरपुर प्रखंड में भीषण आग का तांडव! डेरमा-दरियापुर में 100 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख। किसानों में भारी आक्रोश और निराशा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Nawada - : बिहार के नवादा जिले में शनिवार को भीषण अग्निकांड ने कहर बरपा दिया। अकबरपुर प्रखंड के डेरमा और दरियापुर गांवों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 100 बीघा से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की सुनहरी फसल को राख के ढेर में तब्दील कर दिया। किसानों की महीनों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई उनकी आंखों के सामने ही धू-धू कर जल गई और पूरा इलाका धुएं के गुबार से भर गया।
रणक्षेत्र बना खेत: आग की लपटों से जूझते रहे बेबस किसान

डेरमा और दरियापुर के खेतों में लगी आग इतनी भयावह थी कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जैसे ही आग की लपटें उठीं, पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। सैकड़ों ग्रामीण बाल्टी, डंडे और मिट्टी लेकर आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन पछुआ हवा के झोंकों ने आग को ऐसा तांडव मचाने का मौका दिया कि इंसान की हर कोशिश नाकाम साबित हुई। वायरल वीडियो में आग की भयावहता को देखकर रोंगटे खड़े हो रहे हैं, जहाँ आसमान छूती लपटें अन्नदाता की उम्मीदों को निगल रही हैं।

अन्नदाता के अरमानों पर फिरा पानी, सदमे में किसान परिवार
इस भीषण अग्निकांड ने दर्जनों किसानों की कमर तोड़ दी है। कटनी के लिए तैयार खड़ी फसल के जल जाने से किसानों के घरों में मातम पसर गया है। जिन किसानों के कंधों पर पूरे साल के राशन और बच्चों की शादियों व पढ़ाई की जिम्मेदारी थी, वे अब खुले आसमान के नीचे बेबस होकर अपनी जली हुई किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं। प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की एक-एक बूंद इस फसल को सींचने में लगाई थी, जो चंद मिनटों में राख हो गई।
शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

हालांकि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जर्जर बिजली के तारों से निकली चिंगारी ने इस तबाही को अंजाम दिया है। जिले में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं के बावजूद बिजली विभाग और अग्निशमन विभाग की सुस्ती पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या प्रशासन सिर्फ नुकसान का आकलन करने आएगा या इन तबाह हुए किसानों को उचित मुआवजा देकर उनके जख्मों पर मरहम भी लगाएगा?
नवादा में बेलगाम हुआ आग का तांडव, कौन है जिम्मेदार?
नवादा जिले में पिछले कुछ दिनों से आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। डेरमा-दरियापुर की यह घटना अब तक के सबसे बड़े नुकसान वाली बताई जा रही है। सवाल यह उठता है कि हर साल गर्मी के मौसम में होने वाली इन त्रासदियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन के पास पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं हैं? फिलहाल अग्निशमन विभाग की टीम काबू पाने का दावा कर रही है, लेकिन तब तक किसानों का 'स्वर्ण भंडार' पूरी तरह स्वाहा हो चुका है।
रिपोर्ट - अमन सिन्हा