नीरज कुमार ने शुरू किया ‘नीतीश आर्काइव’, सहेजी जाएंगी पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक विरासत
“नीतीश आर्काइव” को एक सार्वजनिक दस्तावेजी अभियान के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें वीडियो, तस्वीरें, अखबारों की कतरनें, संस्मरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संरक्षित किया जाएगा।
Bihar News : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की राजनीतिक और विकासात्मक उपलब्धियों को दस्तावेजी रूप में संरक्षित करने की बड़ी पहल की गई है। नीरज कुमार की ओर से रविवार को “नीतीश आर्काइव” की औपचारिक शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य नीतीश कुमार के जीवन, विचार, संघर्ष, प्रशासनिक फैसलों और बिहार में हुए सामाजिक बदलावों से जुड़ी स्मृतियों और दस्तावेजों को एक डिजिटल अभिलेख के रूप में तैयार करना है।
“नीतीश आर्काइव” को एक सार्वजनिक दस्तावेजी अभियान के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें वीडियो, तस्वीरें, अखबारों की कतरनें, संस्मरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संरक्षित किया जाएगा। इस अभियान के पांच प्रमुख अंग बनाए गए हैं, जिनमें वीडियो आर्काइव, पीपुल्स मेमोरी प्रोजेक्ट, न्यूजपेपर आर्काइव, फोटो आर्काइव और स्टोरीज एंड डॉक्यूमेंटेशन शामिल हैं।
नीरज कुमार ने कहा कि यह केवल किसी व्यक्ति विशेष का आर्काइव नहीं, बल्कि बिहार के सामाजिक, राजनीतिक और विकासात्मक परिवर्तन की जीवित स्मृति होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके पास नीतीश कुमार से जुड़ा कोई दस्तावेज, फोटो, वीडियो, अखबार की कतरन या व्यक्तिगत संस्मरण हो, तो उसे इस अभियान के साथ साझा करें। इसके लिए ईमेल, व्हाट्सएप और वेबसाइट के जरिए सामग्री भेजने की व्यवस्था की गई है।

इस मौके पर “नीतीश आर्काइव यात्रा” की भी शुरुआत की गई। अगले नौ महीनों तक टीम बिहार के विभिन्न जिलों में जाकर दुर्लभ दस्तावेजों और स्मृतियों का संग्रह करेगी। अभियान से जुड़े लोग आम जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और राजनीतिक सहयोगियों से संपर्क कर सामग्री जुटाएंगे।

जदयू नेताओं का कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए बिहार की राजनीतिक और विकास यात्रा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम लोगों को बिहार में हुए बदलावों का प्रमाणिक और व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा।