नई टोल नीति सम्राट सरकार का जनता पर 'आर्थिक हमला', खजाना खाली होने का प्रमाण: देव ज्योति
बिहार सरकार की नई टोल टैक्स नीति पर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय उस पर लगातार नया आर्थिक बोझ बढ़ा रही है....
Patna : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने बिहार सरकार की नई टोल टैक्स नीति पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय उस पर लगातार नया आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने इस नीति को जनता पर 'आर्थिक हमला' करार देते हुए कहा कि सरकार की यह नई नीति इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि बिहार सरकार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है और अब इसकी भरपाई आम नागरिकों की जेब पर डाका डालकर की जा रही है।
स्टेट हाईवे और पुलों पर लगेगा टैक्स, न देने पर 3 गुना जुर्माना
नई नीति की खामियों को उजागर करते हुए वीआईपी नेता ने कहा कि अब राज्य सरकार स्टेट हाईवे (SH) और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स वसूलने की पूरी तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं, सरकार ने इस व्यवस्था को बेहद कड़ा बनाते हुए टोल शुल्क का भुगतान नहीं करने वालों पर तीन गुना भारी जुर्माना लगाने का भी क्रूर प्रावधान किया है। इसके अलावा, अलग-अलग वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल दरें भी तय कर दी गई हैं, जिससे सफर करना बेहद महंगा हो जाएगा।
मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा सीधा असर
देव ज्योति ने सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि किसी भी चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार का प्राथमिक दायित्व अपनी जनता को राहत देना और उसकी आर्थिक परेशानियों को कम करना होता है। लेकिन, बिहार सरकार लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है। इस नई टोल नीति से आम लोगों, किसानों, छोटे व्यापारियों, मजदूरों और नौकरीपेशा मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त और असहनीय आर्थिक दबाव पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत बढ़ने के कारण महंगाई और ज्यादा भड़केगी।
महिलाओं से किए चुनावी वादे पूरे करने में विफल रही सरकार
सरकार की मंशा पर सीधे सवाल उठाते हुए वीआईपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान एनडीए सरकार ने महिलाओं को बड़ी आर्थिक सहायता देने का लोकलुभावन वादा कर सत्ता हासिल की थी, लेकिन अब वह अपने ही वादों को पूरा करने की स्थिति में नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को उनके वादे के अनुरूप दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने में पूरी तरह असफल साबित हुई है और अब इस विफलता को छुपाने तथा राजस्व जुटाने के लिए टोल टैक्स के माध्यम से चौतरफा वसूली की जा रही है।
फैसला वापस न लेने पर वीआईपी करेगी लोकतांत्रिक आंदोलन
बयान के अंत में वीआईपी नेता देव ज्योति ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार से इस जनविरोधी फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने और नई टोल नीति को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विकास और बुनियादी ढांचे के नाम पर जनता पर नए-नए कर और भारी शुल्क थोपना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। यदि सरकार ने इस काले निर्णय को वापस नहीं लिया, तो विकासशील इंसान पार्टी आम जनता की आवाज बनकर सड़क पर उतरेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका पुरजोर विरोध करेगी।
देवांशु प्रभात की रिपोर्ट