Nishant Kumar Sadbhav Yatra: निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा आज से शुरू, चंपारण से होगा आगाज, नीतीश के बेटे की नई राजनीतिक पारी
Nishant Kumar Sadbhav Yatra: बिहार की सियासत में आज एक नई करवट देखने को मिल रही है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज से अपनी बहुचर्चित सद्भाव यात्रा का आगाज करने जा रहे हैं। ...
Nishant Kumar Sadbhav Yatra: बिहार की सियासत में आज एक नई करवट देखने को मिल रही है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज से अपनी बहुचर्चित सद्भाव यात्रा का आगाज करने जा रहे हैं। यह सफर महज एक यात्रा नहीं, बल्कि सियासी इरादों का इजहार और अवाम से राब्ता मजबूत करने की एक अहम कोशिश मानी जा रही है। निशांत कुमार सुबह करीब 11 बजे जनता दल (यूनाइटेड) के दफ्तर पहुंचेंगे, जहां प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और विधायक दल के नेता श्रवण कुमार उनके हमराह होंगे। इसके बाद ‘निश्चय रथ’ पर सवार होकर वे अपने मिशन की बिस्मिल्लाह करेंगे। इससे पहले वे 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर जाकर अपने वालिद नीतीश कुमार से दुआ और आशीर्वाद लेंगे।
यात्रा के पहले दिन उनका काफिला पश्चिम चंपारण के बेतिया इलाके से गुजरेगा, जहां कई जगहों पर ज़ोरदार इस्तकबाल की तैयारी है। बजरंग चौक, वैशाली जिला कार्यालय, सकरी चौक मुजफ्फरपुर और मंगराही जैसे अहम पड़ावों पर पार्टी कार्यकर्ता अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। यह पूरा प्रोग्राम जनसंपर्क के साथ-साथ सियासी शक्ति प्रदर्शन का भी हिस्सा माना जा रहा है।
खास बात यह है कि निशांत ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत चंपारण की धरती से की है, जो महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही है। यही इलाका नीतीश कुमार की सियासी यात्रा का भी गवाह रहा है। ऐसे में यह कदम महज़ इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा समझा जा रहा है।
‘सद्भाव यात्रा’ के ज़रिए निशांत कुमार यह पैगाम देने की कोशिश में हैं कि वे अपने पिता की सियासी विरासत, उसूल और कार्यशैली को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे उनके पब्लिक लाइफ में औपचारिक एंट्री के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह सफर उन्हें सियासत के किस मुकाम तक पहुंचाता है और बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका क्या रंग लाती है।