Bihar Politics:पटना से दिल्ली तक सियासी हलचल! नीतीश का राज्यसभा नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में NDA का बड़ा दांव
Bihar Politics: बिहार की सियासत आज जबरदस्त ऊहापोह और बेचैनी के दौर से गुजर रही है।...
Bihar Politics: बिहार की सियासत आज जबरदस्त ऊहापोह और बेचैनी के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीनआज राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। इस अहम मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अंमित शाह पटना पहुंच चुके हैं और मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार से मुलाकात भी की है।
विधानसभा में नामांकन की इस प्रक्रिया को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के एक बड़े अध्याय के समापन और नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ‘नीतीश युग’ के अंत की दस्तक है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे संसदीय जीवन के विस्तार की इच्छा बताया जा रहा है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे सत्ता हस्तांतरण की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
दिलचस्प यह है कि जमीनी स्तर पर जदयू कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर इख्तिलाफ और मायूसी देखी जा रही है। कई कार्यकर्ता मानते हैं कि नीतीश कुमार का नेतृत्व बिहार के लिए स्थिरता और संतुलन का प्रतीक रहा है।
उधर भाजपा भी इस पूरे घटनाक्रम में बेहद सतर्कता बरत रही है। पार्टी एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही है, ताकि किसी तरह का राजनीतिक संदेश गलत न जाए। NDA के लिए यह क्षण रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि नेतृत्व परिवर्तन का असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कमान किसे सौंपी जाएगी और सत्ता संतुलन किस दिशा में झुकेगा। पटना की राजनीतिक फिज़ा में जो सरगोशियां हैं, वे आने वाले दिनों में बड़े सियासी बदलाव का संकेत दे रही हैं।
रिपोर्ट- धीरज सिंह